बिजनौर। ये पटवारी की कलम है जानिब, जिंदा को मुर्दा कर दे और मुर्दा को जिंदा। तोफिर नागरिकता बदल देना भी इनके लिए बड़ी बात नहीं।
दरअसल ऐसे ही मामले का भंडाफोड़ चांदपुर तहसील में हुआ है। आजादी के वक्त पाकिस्तान जा बसे एक व्यक्ति की करीब 140 बीघा जमीन में हेराफेरी का प्रयास किया। लेखपाल और कानूनगो ने पाकिस्तान गए उक्त व्यक्ति को फिर से यहीं का निवासी ही नहीं दिखाया बल्कि खतौनी में रिकॉर्ड दुरुस्त भी कर दिया। मामला खुला तो लेखपाल और काननूगो को निलंबित कर दिया गया है। पूरे मामले में जांच बैठा दी गई। मामले में एफआईआर दर्ज कराने की भी तैयारी चल रही है।
देश का बंटवारा हुआ तो चांदपुर तहसील के गांव उमरी पीर रहने वाले निसार अहमद पुत्र बशीर अपने परिवार के संग पाकिस्तान चले गए थे। गांव में अलग अलग जगहों पर उनकी करीब 140 बीघा जमीन थी। जोकि शत्रु संपंत्ति घोषित हो गई। हालांकि इन जमीनों की खतौनी में निसार अहमद निवासी पाकिस्तान दर्ज रहा। बताया गया कि यहीं रह गए उनके परिवार के लोगों ने निसार अहमद की जमीन पर विरासत के लिए कई बार मुकदमे लड़े, लेकिन शत्रु संपंत्ति होने की वजह से यह जमीन किसी के भी नाम दर्ज नहीं हो सकी।
अब पाकिस्तान में निसार अहमद की मौत भी हो चुकी होगी, लेकिन लेखपाल और काननूगो ने बड़ा खेल कर दिया। निसार अहमद को पाकिस्तान का निवासी होने के बजाए उमरी पीर का निवासी दर्शाते हुए बाकायदा खतौनी में आदेश भी दर्ज कर दिया। यह आदेश इसी महीने में दर्ज किया गया।
प्रशासनिक सूत्रों के मुताबिक जब खतौनी दुरुस्ती के बाद एसडीएम कार्यालय हस्ताक्षर के लिए पहुंची तो उस पर निसार के पाकिस्तानी निवासी होना भी लिखा था। इसी से जब मामले की तह तक पहुंचा गया तो पूरा खेल खुल गया। मामला पकड़ा गया तो बिना अधिकारी गलत तरीके से निसार अहमद का निवास खतौनी में दुरुस्त करने के आरोप में लेखपाल रणवीर सिंह को एसडीएम चांदपुर और कानूनगो ज्ञानेंद्र सिंह को जिलाधिकारी ने निलंबित कर दिया।
- करोड़ों रुपये की 140 बीघा जमीन विरासत दर्ज करने की थी तैयारी
सूत्र बता रहे हैं कि खतौनी में पाकिस्तान लिखा होने की वजह से यह जमीन किसी को विरासत में भी मिलने वाली नहीं थी। ऐसे में खतौनी से पाकिस्तान हटाने के लिए निसार अहमद को उमरी पीर का निवासी दर्ज किया गया। जिसके बाद करीब 140 बीघा जमीन को किसी के नाम पर विरासत के आधार पर दर्ज करने की तैयारी थी, या फिर इस जमीन का बैनामा कोई भी निसार अहमद बनकर कर सकता था।
- मामला संज्ञान में आते ही कानूनगो को निलंबित कर दिया गया है। इस मामले की विस्तृत जांच शुरू करा दी गई है। इसी के लिहाज से आगे की कार्रवाई की जाएगी। - उमेश मिश्रा, डीएम, बिजनौर
- मामला पकड़ में आया है। लेखपाल प्रथम दृष्टया दोषी पाए गए थे। उन्हें निलंबित कर दिया गया है और पूरे मामले की विस्तृत जांच तहसीलदार को सौंपी गई है। - रितु रानी, एसडीएम चांदपुर