मोदीपुरम। शोभित विश्वविद्यालय में बुधवार को पीड़ितों तक न्याय पहुंच की पुनर्कल्पना पर विशेषज्ञ व्याख्यान का आयोजन किया गया। मुख्य वक्ता माइकल ओकोनेल रहे। उन्होंने दक्षिण ऑस्ट्रेलिया की व्यवस्था और भारत की भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के ढांचे का तुलनात्मक विश्लेषण प्रस्तुत किया। प्रो. ओकोनेल ने कहा कि विभिन्न कानूनी परंपराओं के बावजूद दोनों न्यायक्षेत्र अपराध पीड़ितों को न्याय प्रक्रिया का केंद्रीय हितधारक मानने के साझा सिद्धांत पर आधारित हैं। कार्यक्रम का अकादमिक नेतृत्व डॉ. मोहम्मद आमिर और संचालन इकरा रशीद ने किया। संवाद