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Meerut News: कौसिंद्र की जान गई थी हादसे में, हत्या के नाटक की खुली पोल

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माछरा/मेरठ। साफियाबाद लौटी के कौसिंद्र हत्याकांड में मंगलवार रात चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। परिजनों ने कौसिंद्र की हत्या का आरोप लगाते हुए छह नामजद समेत 10 लोगों के खिलाफ केस दर्ज कराया था लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद पूरा मामला ही पलट गया।
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एसएसपी रोहित सजवाण ने बताया कि कौसिंद्र की हत्या नहीं हुई थी, उसकी मौत सड़क हादसे में हुई थी। परिजनों ने दूसरे पक्ष को फंसाने के लिए हत्या का आरोप लगाया और देर रात तक जाम रखा। जांच में स्पष्ट होने के बाद पुलिस को गुमराह करने वालों के खिलाफ केस दर्ज किया जाएगा। साथ ही जिन लोगों पर केस दर्ज कराया गया था उन्हें क्लीन चिट दी जाएगी। उधर, पोस्टमार्टम के बाद पुलिस की मौजूदगी में शव का अंतिम संस्कार किया गया।

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ऐसे समझें मामला

साफियाबाद लौटी निवासी कौसिंद्र पुत्र वीर सिंह का शव सोमवार रात गांव के बाहर पड़ा मिला था। उसकी बाइक भी थोड़ी ही दूरी पर पड़ी थी। परिजनों ने हत्या का आरोप लगाते हुए रात में कई घंटे तक जाम लगाकर रखा। पुलिस ने बामुश्किल आश्वासन देकर जाम खुलवाया था। मृतक के भाई की शिकायत पर गांव के ही दिनेश, सतपाल, कुंवरपाल, अर्पण, आर्यन, अंकुर और समेत चार अज्ञात लोगों केस दर्ज किया गया था।
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इस तरह हुआ खुलासा
एसएसपी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि परिजनों ने आरोप लगाया कि उसकी हत्या चाकू से वार करके की गई है। मंगलवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम में चाकू से घायल होने का कोई घाव नहीं मिला। उसके शरीर पर चोट के पांच निशान मिले, जो सड़क हादसे के लग रहे थे। पुलिस ने गांव में जाकर गहनता से छानबीन की। इसके बाद पूरे मामले का खुलासा हो गया। शाम के समय कौसिंद्र अपने दोस्तों के साथ खेतों पर गया था। वहां पर उन्होंने शराब पी और फिर कौसिंद्र अपनी बाइक लेकर घर की तरफ चल दिया। उसकी बाइक रास्ते में फिसल गई और सड़क पर गिरकर घायल हो गया। तभी वहां से गुजर रहे ग्रामीण ने उसे देखा और उसके परिजनों को जाकर बताया।

दम तोड़ने पर परिजन फिर घटनास्थल पर ही डाल आए थे
एसएसपी ने बताया कि पता चलने पर कौसिंद्र के परिजन मौके पर पहुंचे और घायल को उठाकर घर ले गए। उन्होंने गांव में एक निजी डाक्टर को दिखाया। हालत गंभीर देखते हुए डाक्टर ने उसे बड़े अस्पताल में लेकर जाने के लिए कह दिया। परिजन रात में ही बुलेरो में घायल को लेकर मेरठ आ रहे थे। रास्ते में एक अन्य ग्रामीण उन्हें मिला, जिसने इतनी रात में मेरठ जाने का कारण पूछा। वह गाड़ी के अंदर घायल को देखने लगा, तब पता चला कि उसकी मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों ने पुरानी रंजिश के चलते दूसरे पक्ष को फंसाने की योजना बनाई। वह शव को वहीं पर डालकर चले गए जहां वह घायल अवस्था में पड़ा मिला था। उसकी बाइक को भी वहीं लाकर छोड़ दिया। फिर हत्या का आरोप लगाते हुए जाम लगाया और दूसरे पक्ष के लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी।
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