मेरठ। कोरोना वायरस को लेकर निजामुद्दीन मरकज एवं जमातियों को निशाना बनाया जा रहा है। शहरकाजी जैनुस सजिद्दीन ने निशाना साधा है।
उन्होंने कहा कि मरकज में हो सकता है लोगों की गलती हो परंतु विदेशियों की जानकारी सरकार को होनी चाहिए थी। कोरोना वायरस को लेकर लॉकडाउन की स्थिति से निपटने के लिए वहां के प्रबंधन ने इंतजाम किए थे। वहां से लोगों को निकाले जाने की अनुमति भी मांगी थी। इसकी जांच होनी चाहिए। पूरी तब्लीगी जमात को निशाना बनाकर सभी को गलत निगाह से देखा जाना उचित नहीं है। जिसमें राजनीति की बू आ रही है। वहीं, शहरकाजी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिये, टॉर्च और मोमबत्ती जलाने के आह्वान को ढकोसला बताया। उन्होंने कहा कि विज्ञान के युग में इस तरीके की बातें सिर्फ बेमानी लगती हैं। इससे कोरोना खत्म नहीं होगा। आज अच्छे इलाज और स्वास्थ्य सेवाओं दुरुस्त करने की आवश्यकता है। इसके बावजूद प्रधानमंत्री लोगों को अजीब-अजीब तरीके बता रहे हैं। ये समझ से बाहर हैं।