मेरठ। भगवान महावीर दिगंबर जैन मंदिर डी-ब्लॉक शास्त्रीनगर में दशलक्षण महापर्व के सातवें दिन उत्तम तप धर्म मनाया गया। इस दौरान तप और संयम का महत्व बताया गया। भगवान श्रीजी का अभिषेक और शांतिधारा हुई। प्रथम शांतिधारा का सौभाग्य अमित जैन, वर्षा जैन, शशांक जैन और अरिंजय जैन परिवार को मिला। द्वितीय शांतिधारा का सौभाग्य विकास जैन को मिला। प्रथम अभिषेक देवेंद्र जैन, असीम जैन, अर्णव जैन, विकास जैन और अंकित जैन ने किया। वर्धमान विधान में श्रद्धालुओं ने पूजन किया। शाम को आरती के बाद पंडित प्रशांत जैन शास्त्री ने कहा कि तप केवल शरीर को कष्ट देना या उपवास करना नहीं बल्कि इच्छाओं, विषय-वासनाओं पर नियंत्रण करना है। बाहरी तप शरीर को अनुशासित करता है। यह मन व आत्मा को निर्मल बनाता है। इसके बाद जैन महिला मिलन शास्त्री नगर की ओर से धार्मिक कार्यक्रम कराए गए। मंदिर समिति के अध्यक्ष देवेंद्र कुमार जैन, मंत्री नवीन कुमार जैन, संगठन मंत्री राजेश जैन, अजय जैन, विकास जैन रहे। ब्यूरो