दालों के साथ साथ मसालों के दामों में भी वृद्धि हुई है। जीरा 600 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 700 रुपये प्रति किलो और लौंग 800 रुपये प्रति किलो से बढ़कर 1400 रुपये पहुंच गया है।
सदर मंडी व्यापारी गौरव ने बताया कि 20 अगस्त के बाद खाद्यान्न में थोड़ी वृद्धि शुरू हुई, जो अब 10 सितंबर तक काफी बढ़ गई है। मंडी व्यापारी अंकित गुप्ता ने बताया कि दाल, चावल, चीनी के बाद अब मसालों में काफी तेजी आ गई है।
खाद्यान्न के भाव प्रति किलो
| दाल |
20 अगस्त |
10 सितंबर |
| मूंग की दाल |
90 |
120 |
| अरहर की दाल |
110 |
170 |
| उड़द की दाल |
110 |
140 |
| छोले |
105 |
150 |
| बेसन |
75 |
90 |
| चावल |
70 |
85 |
| चीनी |
40 |
42 |
| |
|
|
मसालों के दाम प्रति किलो
| मसाले |
20 अगस्त |
10 सितंबर |
| हल्दी |
160 |
240 |
| जीरा |
600 |
700 |
| लौंग |
800 |
1400 |
| काली मिर्च |
650 |
900 |
| लाल मिर्च |
250 |
400 |
नोट: यह रेट सदर मंडी से लिए गए हैं।
प्याज के भी बढ़ रहे भाव
टमाटर के राहत देने के बाद अब प्याज की कीमतें भी लगातार बढ़ रही हैं। पिछले 20 दिनों में प्याज के रेट 50 प्रतिशत बढ़ गए हैं, जो लोगों की जेब पर भारी पड़ रहे हैं।
बोलीं महिलाएं
सब्जी, दाल, चावल और चीनी के दाम आसमान छू रहे हैं। ऐसे में आम आदमी क्या खाएगा और क्या बचाएगा। - पुष्पा देवी, योगीपुरम
रोजमर्रा में खाए जाने वाली चीजों के दाम से उछाल से महीने का हिसाब गड़बड़ा गया है। अब तो राशन लेने से पहले हिसाब लगाना पड़ रहा है। - उर्मिला कन्नौजिया, रोहटा रोड
सरकार को आम आदमी के रोज के दाल, चावल, चीनी और सब्जियों की महंगाई पर ध्यान देना चाहिए, ताकि उनको भी राहत मिले।- सुनीता, प्रेम विहार
सरकार को दैनिक चीजों की महंगाई कम करनी चाहिए, ताकि उनका हिसाब न बिगड़े। - कल्पना, नेहरू नगर