मेरठ। शहर में रैन बसेरों में अवैध कब्जे, गंदगी और उनकी जर्जर हालत देकर नगर आयुक्त ने नाराजगी जताई है। तीन दिन में रैन बसेरों और शेल्टर होम की मरम्मत, पुताई, सफाई करने के निर्देश दिए गए हैं। शहर में चार अस्थायी रैन बसेरे बनाने की बात भी कही गई। तीन दिन में रैन बसेरों की हालत सुधारने की चेतावनी दी गई है।
नगर आयुक्त डॉ. अमित पाल शर्मा ने शुक्रवार को सूरजकुंड, बच्चा पार्क, नौचंदी तिरंगा गेट, शेरगढ़ी और मेडिकल में रैनबसेरों का निरीक्षण किया। नौचंदी तिरंगा गेट, शेरगढ़ी और मेडिकल रैन बसेरे में सीवर चौक मिला। भवन भी जर्जर था। सूरजकुंड रैन बसेरे पर कुछ लोग अवैध तरीके से रहते मिले। इसके लिए अपर नगर आयुक्त को निर्देश दिए गए कि तीन दिन में व्यवस्था सुधारें। अन्यथा कार्रवाई की जाएगी। रैन बसेरों में साफ-सफाई के साथ-साथ नए बिस्तर लगाने के लिए कहा गया।
डूडा के अधिकारियों को निर्देश दिए कि चारों शेल्टर होम का निरीक्षण कर व्यवस्था बेहतर की जाए। अधिशासी अभियंता अमित शर्मा ने बताया कि शहर में 12 रैन बसेरे, चार शेल्टर होम है। सर्दी के मौसम में चार अस्थायी रैन बसेरे बनाए जाते हैं। इसका काम निगम से शुरू कर दिया है। निरीक्षण के दौरान अपर नगर आयुक्त प्रमोद कुमार, प्रबंधक शहरी आजीविका केंद्र राकेश गौड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
महिलाओं के लिए अलग कमरा बनेगा, कैमरे भी लगेंगे
नगर आयुक्त ने बताया कि रैन बसेरों में महिलाओं के लिए अलग कमरा बनाया जाएगा। शौचालय, रसोई एवं स्नानघर की व्यवस्था होगी। स्वच्छ भारत मिशन से संबंधित अच्छी पेंटिंग, सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे। इन्हें नगर निगम स्थित आईटीएमएस से जोड़ा जाएगा।