नवीन सब्जी मंडी में खरीदारी करते हैं दुकानदार
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- शनिवार को भी मंडियों में रहा पुलिस और प्रशासन का पहरा फुटकर में सामान खरीदने वालों को नहीं मिला मंडी में प्रवेश - मंडियों में फुटकर का कारोबार बंद होते ही गिरने लगे हैं सब्जियों के दाम
मेरठ। लॉक डाउन पर भी एक स्थान पर लोगों की अधिक भीड़ जमाना हो इसको लेकर सख्त कदम उठाए हुए हैं । 2 दिन से मंडी में भी पुलिस व प्रशासन के पहले के चलते हैं भीड़ इकट्ठा नहीं हो रही है। जिसके कारण 10बजे ही मंडियां बंद हो जा रही हैं। साथ ही सब्जियों के दाम भी गिरने शुरू हो गए हैं। शनिवार को भी डिप्टी डायरेक्टर मंडी पुष्पराज सिंह पुलिस क्षेत्राधिकारी और मंडी समिति सचिव नरेंद्र कुमार का नवीन मंडी में डेरा डाला। मंडी के तीनों गेट पर पुलिस तैनात रही। गेट से केवल उन्हीं व्यापारियों को मंडी में प्रवेश दिया गया जो थोक में सब्जी फल और खाद्यान्न खरीदने आए। थोक व्यापारियों की तरफ से ऐसे सभी दुकानदारों को लिखित प्रमाण दिया जा रहा है जो थोक में सामान खरीदते हैं। शनिवार को सब्जी मंडी में शुक्रवार से भी कम भीड़ रही। हालांकि खरीदार अधिक न पहुंचने के कारण काफी सब्जियां बोरों में ही कैद होकर रह गई। इतना जरूर हुआ कि आलू के दामों में भी ₹100 कुंटल तक की गिरावट आ गई। शनिवार को 14 00- 15 00रुपए कुंतल आलू बिका। इसके अलावा टमाटर ₹20 किलो हरी मिर्ची 25 से ₹30 किलो बैंगन ₹15 किलो गोभी ₹15 किलो प्याज 15 से ₹20 किलो लौकी ₹12 किलो भिंडी ₹20 किलो थोक में बिकी। अगर हम शहर में फुटकर में ठेलो पर बेची जा रही सब्जियों के 4 दिन पहले के रेट और अब की बात करें तो काफी अंतर दिखाई दे रहा है। शनिवार को गली मोहल्लों में सब्जी बेचने वालों ने जहां आलू ₹25 किलो बेचा वही टमाटर ₹30 किलो हरी मिर्च ₹50 किलो बैंगन ₹30 किलो गोभी ₹30 किलो लौकी ₹30 किलो और भिंडी ₹40 किलो बेची। --- काफी मात्रा में जमा है मंडी में सब्जी -- नवीन सब्जी मंडी के थोक विक्रेता पदम सिंह सैनी का कहना है कि मंडी में फुटकर में सब्जी ने बेचे जाने के कारण काफी सब्जी जमा है। बाहर से आने वाली सब्जी फिलहाल कम ही मंगवाई जा रही है। क्योंकि हरी सब्जी को अधिक दिन रोका नहीं जा सकता है। शनिवार को थोक में सब्जी खरीदने वाले की संख्या काफी कम रही। --- मंडी में मजदूरों के सामने गैस का संकट - दिल्ली रोड स्थित नवीन सब्जी मंडी और हापुड़ रोड स्थित लोहिया नगर मंडी में 1000 से भी अधिक मजदूर बताए जा रहे हैं। जिनके पास खाने के लिए आटा दाल चावल वह सब्जी आदि सामान तो है लेकिन गैस नहीं है। कारण है कि इनके पास गैस कनेक्शन नहीं है। यह सभी लोग 5 किलो के छोटे सिलेंडर में बाजार से गैस खरीदते रहे हैं। उसी पर यह लोग खाना बनाते थे। अब बाजार में छोटे सिलेंडरों में गैस बेचने वालों की दुकानें बंद हो गई है। जिसके कारण इन लोगों के चूल्हे ठंडे हो गए हैं। इन्होंने जिला प्रशासन से मांग की है कि उनके लिए गैस की व्यवस्था कराई जाए। --- इस दौरान छुट्टी पर रहने वाले मंडी के सभी कर्मचारियों को व्यापारी देंगे वेतन -- नवीन गल्ला मंडी एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज गुप्ता का कहना है कि मंडी में कर्मचारियों की भी अधिक भीड़ ने हो इसके लिए सभी दुकानदारों को निर्देश कर दिए गए हैं कि वह अपनी अपनी दुकान पर कर्मचारियों की संख्या फिलहाल घटा दें। किसी को भी नौकरी से निकाला जाए। साथ ही शिफ्ट बार कर्मचारियों को बुलाएं। सभी को वेतन दिया जाए। इनका कहना है कि अगर कोई थोक व्यापारी अपने कर्मचारी को वेतन नहीं देता है तो वह कर्मचारी गल्ला मंडी एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सूचना दे सकता है।