मेरठ में आईजी सुजीत पांडेय के सवालों का जवाब देता सिपाही।
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खाकी के हाथों खून होने पर पुलिस अफसरों को शर्मसार होना पड़ रहा है। इसको देखते हुए मंगलवार को आईजी सुजीत पांडेय ने जोन के 176 थानों से दो-दो कांस्टेबलों को पुलिस लाइन में बुलाकर मीटिंग ली।
आईजी बोले कि यूपी पुलिस को मुंबई पुलिस जैसा होना चाहिए। उन्होंने बताया कि वह मुंबई में सीबीआई में रह चुके हैं। मुंबई में सड़क पर खड़ा एक पुलिसकर्मी अपने आप में बहुत महत्व रखता है। ड्रेस से लेकर उसकी ड्यूटी करने का तरीका बहुत अच्छा है। जो यहां भी हो सकता है, लेकिन हमारी खुद की लापरवाही के चलते ऐसा नहीं हो पाता। आईजी ने कांस्टेबलों से जूतों से लेकर वर्दी के बारे में पूछा, जिसमें कई कांस्टेबलों ने वर्दी पहनने के मामले में खुद की गलती मानी। ड्यूटी के प्रति ईमानदारी की बात करते हुए धैर्य रखने की बात भी आईजी ने कांस्टेबलों को बतायी।
आईजी ने कहा कि पिछले कुछ दिनों में कांस्टेबलों ने बेवजह हत्या कर पुलिस महकमे को शर्मसार किया है। जोकि नहीं होना चाहिए था। ऐसे कांस्टेबल को पुलिस महकमे में रहने का अधिकार नहीं है। आईजी ने कहा कि कांस्टेबल पुलिस महकमे की रीढ़ होता है। उनके बल पर महकमा अपराधियों की कमर तोड़ पाता है। चौराहे पर खड़ा सिपाही देखकर अधिकारी को बल मिलता है। मीटिंग में एसपी क्राइम अजय सहदेव, सीओ सिविल लाइन बीएस वीर कुमार आदि मौजूद रहे।