मेरठ। सरधना के वर्ष 2010 चर्चित नाजिम अपहरण कांड में साढ़े 13 वर्ष बाद भी पुलिस किसी नतीजे पर नहीं पहुंची। पीड़ित पिता ने एसएसपी से मिलकर पुत्र को मृत घोषित कर अपहरण का मुकदमा हत्या की धाराओं में तरमीम करने की मांग की है। एसएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।
सरधना निवासी मेराजुद्दीन ने एसएसपी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि वर्ष 2010 में उसने तत्कालीन इंस्पेक्टर रामतीर्थ और एसएसआई आशुतोष के खिलाफ अपने पुत्र नाजिम के अपहरण की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। मामले में ये दोनों आरोपी 2015 में जेल भी गए थे। 2018 में पुलिस ने मामले में न्यायालय में चार्जशीट पेश करते हुए बताया कि अपहृत नाजिम की तलाश के लिए विवेचना चल रही है। मेराजुद्दीन की पत्नी सलमा ने मामले की शिकायत डीजीपी से की थी। छह वर्ष बाद डीजीपी ने मामले की जांच भ्रष्टाचार निवारण उन्मूलन संगठन से कराने के आदेश जारी किए थे। जांच अभी तक लंबित है। उनकी पत्नी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर की थी, जिसमें हाई कोर्ट ने तत्कालीन एसएसपी और विवेचक क्षेत्राधिकारी सरधना ब्रिजेश कुमार सिंह को तलब किया था। एसएसपी ने हाईकोर्ट को अवगत कराया था मुकदमे में चार्जशीट प्रेषित कर दी गई। हाईकोर्ट ने आदेश पारित किया था कि नाजिम की बरामदगी से संबंधित जांच का हिस्सा चल रहा है, इसलिए इसे शीघ्रता से पूरा किया जाए। लेकिन साढ़े 13 वर्ष बाद भी नाजिम को बरामद नहीं किया गया, जो हाईकोर्ट के आदेश की अवहेलना है। उन्होंने एसएसपी से कहा कि पुलिस पुत्र की बरामदगी नहीं करा सकते तो उसे मृत घोषित कर मुकदमा धारा-302 में तरमीम किया जाए। एसएसपी ने जांच कराकर कार्रवाई का भरोसा दिलाया।