बारिश के साथ हवा चलने से लाइन पर गिरे पेड़, बिजली आपूर्ति ठप
बिजनौर, नहटौर। पिछले दो दिन से जनपद में हवा के साथ बारिश हो रही है। बारिश की बूंदों से इन्सुलेटर बस्ट होने से बिजली आपूर्ति बाधित रही। राजकीय आईटीआई के सामने पेड़ लाइन पर गिर गया। इससे कई मोहल्लों की बिजली तीन घंटे से ज्यादा बिजली गुल रही। एसडीओ प्रदीप कुमार ने बताया कि बारिश ज्यादा होने से बुखारा बिजलीघर में पानी घुस गया।
बारिश के कारण भीगी पेड़ों की टहनियाें ने भी लाइन से टच होकर आपूर्ति को बाधित किया। शनिवार-रविवार रात्रि दो बजे से सुबह साढ़े सात तक चक्कर रोड, शक्ति नगर आदि क्षेत्र में आपूर्ति बाधित रही। ग्रामीण अंचल में बारिश व हवा के कारण जगह जगह फाल्ट होने से बिजली आपूर्ति छह घंटे बाधित रही है।
नहटौर। बारिश व तेज हवा से पोपलर का पेड़ हाईटेंशन लाइन पर गिर गया, जिससें फुलसंदा बिजलीघर से जुड़े ग्राम ढकौली में पेड़ हाइटेंशन लाइन पर गिरने से स्यालु नंगला, फुलसन्दा, सीकरी बुजुर्ग, खेड़ी जट, आनंद खेडी, फुलसन्दी, गिलाडी, गिलाडा, करीमपुर, ढकौली आदि की बिजली आपूर्ति ठप रही है। अवर अभियंता विशाल कुमार ने बताया कि पेड़ को लाइन से हटाने कर आपूर्ति को सुचारू कर दिया जाएगा।
- निर्माणाधीन हाईवे पर कीचड़, फिसलकर गिरे बाइक सवार
बिजनौर/कोतवाली देहात। यह नेशनल हाईवे है या खेत, यह शब्द उन राहगीरों के मुंह से निकले जोकि कीचड़ में फिसलकर गिर गए। सिर्फ बाइक सवार ही नहीं बल्कि बड़े वाहन और कार भी कीचड़ में फंसती रहीं। जिन्हें क्रेन बुलवाकर निकाला गया। इस मुश्किल को देख ट्रैफिक डायवर्जन करते हुए कोतवाली बाईपास से निकाला गया। हालांकि बाद में कीचड़ वाली जगहों पर पत्थर की कंक्रीट डाली गई।
तीन दिनों से लगातार पड़ रही बारिश से पानीपत खटीमा राजमार्ग का बुरा हाल हो गया है। कई स्थानों पर कीचड़ इतना ज्यादा फैल गया है कि वाहन चालकों को भारी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। कोतवाली देहात में ओवरब्रिज निर्माण के लिए नगीना मार्ग पर सड़क को बीच से तोड़ दिया गया है। सड़क के एक ओर कच्चा मार्ग होने से मिट्टी में कीचड़ फैल गया है जबकि दूसरी और बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं। दोनों ओर ही लगातार वाहन फंसते रहे।
कोतवाली से नगीना की तरफ चलने पर भी यही हाल रहा। यहां मिट्टी डाल दी गई थी लेकिन अभी तक पक्की सड़क नहीं बनी। रविवार दोपहर तक दर्जन भर से भी अधिक वाहन मार्ग में फंस गए। सड़क पर पड़ी चिकनी मिट्टी में दुपहिया वाहन फिसलते रहे। इस दौरान राहगीरों को भारी समस्या का सामना करना पड़ा। मामले की शिकायत कार्यदाई संस्था के अधिकारियों से की गई तब उन्होंने क्रेन भेजकर फंसे हुए वाहन को निकलवाया। शाम को मार्ग को बंद कर दिया।
इसके बाद पूरा ट्रैफिक हरिद्वार काशीपुर नेशनल हाईवे के कोतवाली बाईपास से निकाला गया। शाम को सड़क पर बने गड्ढों में पत्थर डालकर गड्ढों को भरा गया।
- बेहद सुस्त रफ्तार से चल रहा है निर्माण कार्य
यूं तो इस हाईवे का निर्माण मई 2023 तक पूरा करना था लेकिन अभी तक आधा अधूरा ही है। पानीपत खटीमा राजमार्ग का निर्माण कार्य बेहद धीमी गति से चल रहा है।अभी तक एकमात्र पीली चौकी का अंडरपास ही चालू हो पाया है। महेश्वरी जट्ट, बरुकी के अंडरपास तथा कोतवाली देहात के ओवर ब्रिज पर भी बेहद धीमी गति से निर्माण कार्य चल रहा है।
- विनायक कॉलेज के पास स्थिति बेहद गंभीर
मार्ग में पड़ रही बान नदी के पुल पर काम चल रहा है। विनायक कॉलेज के पास सड़क पर बेहद कीचड़ फैल गया है। इस कीचड़ में भी प्रतिदिन दुपहिया वाहन चालक फिसल कर गिर रहे हैं।
- मकान गिरे
धामपुर। कई दिनों से हो रही भारी बारिश लोगों के लिए परेशानी का सबब बनती जा रही है। रविवार को बारिश के कारण क्षेत्र के गांव शाहलीपुर नीचल में एक व्यक्ति का मकान और एक महिला का छप्परनुमा घर ढह गया। पटवारी ने क्षेत्र का भ्रमण कर बारिश से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए रिपोर्ट तैयार कर एसडीएम मनोज कुमार सिंह को भेजी है। एसडीएम का कहना है कि प्रभावित लोगों की मदद की जाएगी।
क्षेत्र के गांव शहलीपुर नीचल के लोगाें ने बताया कि रविवार को जब भारी बारिश हो रही थी तो इस दौरान गांव के अनिल कुमार का मकान गिर गया। मकान में छत कच्ची थी। इस मकान की छत की कई बल्लियां पहले से ही टूटी थीं। तीन चार बल्लियों के आज टूटने से मकान की छत जमींदोज हो गई। अनिल कुमार ने बताया कि वह परिवार के साथ यहीं पर रहता है। जब हादसा हुआ तो वह और उसके परिवार के सदस्य मकान से बाहर थे।
ग्रामीणों की मांग पर एसडीएम ने राजस्व विभाग के अधिकारियों को गांव में भेज कर जांच कराई। बताया कि मकान की छत के गिरने से कोई जनहानि नहीं हुई। अनिल कुमार को सरकार की योजना का भी अभी तक कोई लाभ नहीं मिल पाया है। इसी गांव में नाजमा पत्नी इदरीश का छप्परनुमा घर है। वह परिवार के साथ रहती है। रविवार को बारिश के कारण उसका छप्परनुमा घर भी गिर गया है।
- सुहागपुर में भरभरा कर गिरी छत
धामपुर। बारिश के चलते रविवार सुबह करीब 11 बजे गांव सुहागपुर के मुसर्रफ के मकान की कच्ची छत अचानक गिर गई। जब ऐसा हुआ तब परिवार के सदस्य बाहर थे। छत के गिरने की आवाज को सुन ग्रामीणों में अफरातफरी मच गई। लोगों ने किसी प्रकार सामान को निकाला।
इकबाल ने बताया कि वह मजदूरी करता है। रविवार को भी वह मजदूरी करने को घर से बाहर गया था। उसकी पत्नी और दो बच्चे घर पर थे। सुबह लगभग 11 बजे अचानक उसके मकान की कच्ची छत गिर गई। जिससे काफी सामान नष्ट हो गया। उस समय परिवार के अन्य सदस्य घर के बरामदे में थे। घर आने पर उन्होंने मकान में रखे सामान को बाहर निकाल बरामदे में रख लिया है।
राजस्व विभाग के अधिकारियों के आग्रह पर दोनों परिवारों के लोगों के लिए ग्राम प्रधान ने सहयोग कर उनके रहने की व्यवस्था कर दी गई है। बताया कि नाजमा का प्रधानमंत्री ग्रामीण आवास योजना के तहत आवेदन पहले जा चुका है। मगर अभी आवास सूची में उनका नाम नहीं आ पाया है। एसडीएम ने बारिश के मौसम में तहसील क्षेत्र के सभी लेखपालों, राजस्व निरीक्षकों को निर्देशित किया है कि वह अपने अपने क्षेत्र में रहकर ड्यूटी करें।
- पहाड़ा नदी का जलस्तर बढ़ने से कई गांव का संपर्क कटा
बढ़ापुर। पहाड़ी क्षेत्र में हुई बारिश के चलते पहाड़ा नदी का जलस्तर बढ़ने पर करीब 10 घंटे ग्राम सरदारपुर छायली व बहेड़ी समेत कई गांवों का कस्बे से संपर्क कटा रहा। जलस्तर में गिरावट आने के बाद ग्रामीणों ने बैल-बुग्गियों के सहारे नदी पार की।
पिछले दो दिन से क्षेत्र में भी रुक रुककर वर्षा हो रही है। पहाड़ी क्षेत्रों में होने वाली वर्षा के चलते नदियों का जलस्तर बढ़ने पर नकटा नदी का पानी कस्बे के मोहल्ला भजड़ावाला में तो गुलाह नदी का पानी नौमी में निरंतर कटान कर रहा है।
नदियों के बढ़े जलस्तर के चलते उतार नहीं देने पर ग्राम सरदारपुर छायली -बढ़ापुर मार्ग पर पड़ने वाली पहाड़ा नदी का जलस्तर इतना बढ़ा कि यह संपर्क मार्ग कई घंटे बंद रहा और कई गांवों का करीब 10 घंटे कस्बे से संपर्क कटा रहा। शाम को नदी के पानी में गिरावट आने पर ग्रामीणों व राहगीरों ने बैल-बुग्गियों में बैठकर नदी पार की।
ग्राम सरदारपुर छायली, काशीवाला व चक उदयचंद के ग्रामीणों जसदेव सिंह, दीप सिंह, सुरेश, विपिन कुमार, लोचन सिंह, मोहम्मद अनवर, गुलफाम, त्रिलोक सिंह व संदीप सिंह ने बताया कि बरसात के मौसम में बीमारियां बढ़ती हैं। नदी का जलस्तर बढ़ने पर रात के समय हालत बिगड़ने पर रोगी को उपचार के लिए गांव से बाहर ले जाना भी एक विकट समस्या है। क्षेत्र में हो रही बारिश के चलते खेतों में खड़ी फसलें जलमग्न हो गई। किसानों के समक्ष पशुओं के लिए चारे की समस्या भी उत्पन्न हो गई है।
पानीपत खटीमा निर्माणाधीन नेशनल हाइवे पर कोतवाली देहात के पास बारिश से हुआ जलभराव और कीचड।
पानीपत खटीमा निर्माणाधीन नेशनल हाइवे पर कोतवाली देहात के पास बारिश से हुआ जलभराव और कीचड।
पानीपत खटीमा निर्माणाधीन नेशनल हाइवे पर कोतवाली देहात के पास बारिश से हुआ जलभराव और कीचड।