मेरठ। देश की रक्षा और सम्मान के लिए जिन्होंने सबकुछ न्योछावर कर दिया, ऐसे अमर शहीदों के परिवारों ने भी बड़ा बलिदान दिया है। इन परिवारों में किसी मां ने अपना बेटा, पत्नी ने पति और बहन ने भाई खोया है। ऐसी ही वीरांगनाओं को सम्मान दिया गया तो वे भावुक हो गईं।
बुधवार को अमर उजाला, केएल इंटर इंटरनेशनल स्कूल और जेपी ग्रुप की ओर से अभिनव अभियान मां तुझे प्रणाम के तहत कचहरी स्थित जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास केंद्र में वीरांगना सम्मान समारोह हुआ। इसमें शहीदों के परिवारों की वीर नारियों को सम्मानित किया गया। इसका शुभारंभ मुख्य अतिथि जिलाधिकारी दीपक मीणा और विशिष्ट अतिथि ब्रिगेडियर रणवीर सिंह (एवीएसएफ वीर चक्र), जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन राकेश शुक्ला और कर्नल वेटरन सतेंद्र सिंह ने किया। समारोह में आजादी के बाद और पूर्व की वीरांगनाएं शामिल हुईं।
समारोह में जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के तहत जिले में प्रत्येक वीर नारी के घर से मिट्टी एकत्रित की जा रही है। इसके साथ ही प्रत्येक जिला पंचायत में शिलापट लगाए जाएंगे। इन शिलापटों पर उस क्षेत्र में सेना, उत्तर प्रदेश पुलिस सहित अन्य बलों के वीर शहीदों के नाम लिखे जाएंगे। ये शिलापट शहीदों की याद दिलाने के साथ ही युवाओं को देश के लिए समर्पित होने की प्रेरणा देंगे। उन्होंने कहा कि सीमा पर हमारे सैनिक तैनात हैं। इसीलिए हम स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं। उन्होंने कहा कि जिले में दूसरी बार अमर उजाला के इस अभिनव अभियान में शामिल हुआ हूं। इसकी उन्हें बेहद खुशी है। इस दौरान मुख्य अतिथि और विशिष्ट अतिथियों के साथ सत्यकाम स्कूल के चेयरमैन अनुज शर्मा, मायरा फाउंडेशन से डॉ. पूजा चौधरी, समाजसेवी पिंकी चिन्योटी, समाजसेवी आलोक गौतम का पौधा देकर स्वागत किया गया।
समाजसेवी पिंकी चिन्योटी ने झांसी की रानी को याद करते हुए कहा कि वीर नारियों को नमन किया। उन्होंने कहा कि यह ऐसे वीरों का परिवार है, जिनके सपूतों ने देश की आन, बान और शान को के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी। समाजसेवी आलोक गौतम ने कहा कि पूरा देश इन वीर नारियों का ऋणी है। यह वीर नारी आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं। कार्यक्रम में जेपी ग्रुप से विशाल अग्रवाल, हाईलुक एलिवेटर्स के एमडी नंदा कुमार, मयंक चौहान सहित अन्य मौजूद रहे।
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घरों की मिट्टी लेकर पहुंचीं वीर नारियां
- कार्यक्रम में केंद्र सरकार के आह्वान पर मेरी माटी, मेरा देश कार्यक्रम के तहत वीर नारियां थैली में अपने घरों की मिट्टी लेकर पहुंचीं। जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कैप्टन राकेश शुक्ला ने बताया कि यह मिट्टी दिल्ली जाएगी।
अमर उजाला का प्रयास सराहनीय
- सीमा पर हमने अपने साथियों को मरते और मारते हुए देखा है। शहीद के परिवार की तकलीफ हम समझते हैं। उनके सम्मान के लिए इस तरह के आयोजनों का होना बहुत आवश्यक है। ऐसे आयोजनों से सभी को प्रेरणा मिलती है। अमर उजाला का प्रयास सराहनीय है। अमर उजाला नियमित रूप से इस तरह के आयोजन करता है। - ब्रिगेडियर रणवीर सिंह (एवीएसएफ वीर चक्र)।
जिंदगी के साथ भी और बाद भी
- वीर नारियों के साथ सेना सदा खड़ी है। हम जिंदगी के साथ भी और जिंदगी के बाद भी आपके साथ हैं। देश के ऊपर शहीद होने वालों पर हम सभी को गर्व है। इस वर्ष मैं मेरठ से ही सेवानिवृत्त हो रहा हूं। कार्यक्रम में शामिल हुई सभी वीर नारियों के हम आभारी है। - सतेंद्र सिंह, कर्नल।
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इन वीरांगनाओं का हुआ सम्मान
- समारोह में वीरांगनाओं मंजू कौशिक, जैतून, सुरजमुखी, शशि नैयर, कविता देवी, पिता गोविंद सिंह, पिता महिपाल सिंह, पिता किशनपाल त्यागी, प्रभा देवी, सविता देवी, बबीता देवी, अबरीशा खातून, रेखा देवी, भगवती देवी, सतपालो, सरदारी, इलाम कौर, इक्तयारी, विमलेश, लोकेश देवी, रीना, बाला देवी, मुनेश, सोनिया, प्रियंका, पूजा और मीनू को सम्मानित किया गया।
ये बोलीं वीर नारियां....
मरणोपरांत पति को मिला शौर्य चक्र
- पति नायक अनिल कुमार 16 जाट में कार्यरत थे। 2003 में कुपवाड़ा गुरेज में मुठभेड़ में शहीद हुए। बड़ा बेटा विख्यात चौधरी फौज में जाना चाहता था, लेकिन किन्हीं करणों से नहीं जा पाया। फौज के प्रति पूरे परिवार में बहुत सम्मान है। - सविता देवी, निवासी परतापुर।
- हवलदार यशवीर सिंह ने टाइगर हिल पर 65 दुश्मनों को मारा
- कारगिल युद्ध में पति हवलदार यशवीर सिंह को मरणोपरांत वीर चक्र से सम्मानित किया गया। यशवीर ने 65 दुश्मनों को हैंड ग्रेनेड फेंककर ढेर कर दिया। खड़ी चढ़ाई कर टाइगर हिल की खड़ी चोटी पर पहुंचे। इस घटना पर कई बॉलीवुड फिल्में भी बनी हैं। - मुनेश देवी, निवासी रोहटा रोड।
पति के शहीद होने के बाद बेटे ने की सेना ज्वाइन
- भारत की फौज को वर्ष 2010 में शांति मिशन पर साउथ अफ्रीका भेजा गया था। इसमें 19 कुमाऊं में तैनात पति हवलदार ओमकार भी थे। आदिवासियों के हमले में वह शहीद हो गए। इसके बाद बेटे अमित कुमार ने वर्ष 2013 में सेना ज्वाइन की। - बाला देवी, निवासी रुड़की रोड।
- मरणोपरांत पति को मिला कीर्ति चक्र
- पति अजेर अली 104 इंजीनियरिंग रेजीमेंट में तैनात थे। 1987 में लेह लद्दाक में बर्फ हटवा रहे थे। इस बीच बर्फ का पहाड़ खिसकने से वह शहीद हो गए। - अबरिशा खातून निवासी शोभापुर। मरणोपरांत पति को कीर्ति चक्र मिला।
बेटी भी सेना में जाएगी
- 143 आरटी मीडियम रेजीमेंट में तैनात पति सूबेदार विरेंद्र कुमार सियाचिन में ऑपरेशन मेघदूत मिशन पर गए थे। ऑक्सीजन की अत्यधिक कमी के कारण वह वीरगति को प्राप्त किया। अब 17 वर्ष की बेटी कृष्णा पब्लिक स्कूल कंकरखेड़ा में पढ़ रही है। वह एनडीए कर सेना में जाना चाहती है। - रीना, निवासी रोहटा रोड।
- बेटा भी बनना चाहता है आर्मी अफसर
- कंकरखेड़ा निवासी पति राहुल गौरव एपीएस रिकार्ड में कार्यरत थे। अरुणाचल प्रदेश में 7 अक्तूबर 2020 में वह गोलाबारी में शहीद हो गए। अब बेटा देवांक सिंह आर्मी पब्लिक स्कूल में पहली कक्षा का छात्र है। बेटे की बचपन से इच्छा है कि वह सेना में आर्मी अफसर बने। - सोनिया सिंह, निवासी कंकरखेड़ा।
ये रहेंगे सहयोगी : केएल इंटरनेशनल, जेपी एकेडमी, इंडियन ऑयल, एडिको, द-अध्ययन स्कूल, केएमसी हॉस्पिटल, नीरज मित्तल, क्रिश ग्रीन्स, श्री वेंक्टेश्वरा विवि, विद्या यूनिवर्सिटी प्रेस, बैंक ऑफ बडौदा, सेंट जॉन्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल, चौ. चरण सिंह विवि, न्यूटीमा हॉस्पिटल, मैक एनिमेशन, एपेक्स ग्रुप, सत्यकाम इंटरनेशनल स्कूल, ला-फलोरा, पिंकी चिन्योटी, दिपाशु चिन्योटी, बी ई मैकेनिकल पं. आलोक कुमार गौतम, भारतीय जीवन बीमा निगम, दयाल ग्रुप, उत्सव शर्मा समाज सेवी, मायरा फाउंडेशन, पेन्थर ई-रिक्शा, हाईलुक एलिवेटर, ब्लॉसम पब्लिक स्कूल, ज्ञानोदय, पराग दुग्ध, ऋषभ एकेडमी, महावीर एजुकेशन, सारपन पब्लिक स्कूल, ऋषभ बिलेंकिट , कार केयर सेंटर, ब्रेन्ज एजुकेशन वर्ल्ड, यूनिवर्सल प्ले स्कूल, श्रीकैलाश प्रकाश गायत्री देवी सेवा संस्थान, रॉक साउंड, मिनी मेट्रो के सहयोग से बाइक रैली में होगा।