गांव भिक्कावाला में बुधवार को पूर्व सैनिक पर हमले के दौरान हुई थी गुलदार की मौत
गुलदार की मौत पर वन विभाग ने अज्ञात में दर्ज किया वन अपराध
संवाद न्यूज एजेंसी
कालागढ़ (बिजनौर)। गांव भिक्कावाला में बुधवार को पूर्व सैनिक तेगवीर सिंह पर हमले के दौरान हुई गुलदार की मौत के बाद उसका शव ग्रामीणों ने देर रात तक उठने नहीं दिया। इस मामले ग्रामीणों के खिलाफ कार्रवाई न करने और वन्यजीवों से सुरक्षा का भरोसा मिलने पर ही शव को उठने दिया गया। उधर, गुलदार की मौत के मामले में अज्ञात में वन अपराध दर्ज कर किया गया है।
बुधवार को कालागढ़ की सीमा से लगे भिक्कावाला में गुलदार ने पूर्व सैनिक तेगवीर सिंह (60) पर हमला कर दिया था। जान बचाने के लिए तेगवीर सिंह ने गुलदार के सिर पर लगातार डंडे से वार किया था। इस संघर्ष में गुलदार की मौत हो गई थी।
इस घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों को घेराव किया। देर रात तक गुलदार का शव नहीं उठने दिया। ग्राम प्रधान चौधरी गीतेन्द्र सिंह, कैलाश थपलियाल, अनिल सिंह नेगी, सुनील दत्त काला आदि ग्रामीणों ने वन विभाग से घायल किसान और ग्रामीणों के खिलाफ कोई कार्रवाई न करने, घायल को उचित मुआवजा देने, भिक्कावाला में वन चौकी स्थापित करने की मांग की।
वनक्षेत्राधिकारी गोविंद राम गंगवार ने ग्रामीणों को लिखित में मांगों के समाधान का भरोसा दिलाया। इसके बाद ही गुलदार के शव का पंचनामा भरा गया। देर रात एसडीओ अंशुमान मित्तले भी जामनवाला के निकट वन विभाग के अधिकारियों से घटना की जानकारी ली। गुलदार की मौत के मामले में वन अधिनियम की धारा 09, 29 व 51 के तहत अज्ञात में वन अपराध दर्ज किया गया है।
क्षत-विक्षत को चुका था गुलदार का सिर, अन्य अंग सुरक्षित
धामपुर। बृहस्पतिवार को गुलदार के शव का वन विभाग ने पोस्टमार्टम कराया। धामपुर के उपमुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. पीएस कोहली, कासमपुर गढ़ी के पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. एसपी सिंह व नूरपुर के पशु चिकित्सा अधिकारी डाॅ. विनय कुमार ने पोस्टमार्टम किया। उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी पीएस कोहली ने बताया कि यह नर गुलदार था, जिसकी उम्र करीब साढ़े पांच साल थी। उसके सिर पर काफी चोट लगी थी। सिर क्षत विक्षत हो चुका था। अत्यधिक रक्तस्राव उसके मुंह से हुआ। शरीर के सभी अंग सुरक्षित थे। गुलदार के विसरे को डीएनए जांच के लिए बरेली की इज्जत नगर स्थित फॉरेंसिक प्रयोगशाला को भेजा गया है। वन क्षेत्र अधिकारी गोविंद राम गंगवार के अनुसार पोस्टमार्टम के उपरांत गुलदार के शव को भारतीय राष्ट्रीय बाघ प्राधिकरण की नियमावली के अनुसार जलाकर निस्तारित कर दिया गया। इस दौरान उप प्रभागीय वन अधिकारी अंशुमान मित्तल, उप रेंजर हरदेव सिंह, विजय भारत आदि वन कर्मचारी मौजूद रहे।