इसके अलावा खाद्य सामग्री की खरीद का भी हिसाब नहीं रखा जा रहा है। पुलिस मौके पर बुलाई गई। टीम ने वीडियोग्राफी की और दुकानदारों से कहा कि वह अपने प्रतिष्ठानों का पंजीकरण करा लें, ताकि सरकार की योजनाओं का लाभ मिल सके। टीम में जीएसटी के अधिकारी अयोध्या प्रसाद यादव और डॉ. राम चंद्र शामिल रहे। उन्होंने बताया कि दुकानदारों को पंजीकरण कराने के लिए प्रेरित किया गया है।
खतौली, जानसठ और बुढ़ाना में किया सर्वे
जीएसटी की टीम ने शहर के अलावा खतौली, जानसठ और बुढ़ाना में भी सर्वे किया। बिना पंजीकरण चल रही दुकानों की वीडियोग्राफी कराई। यह भी कहा कि पंजीकरण से सरकार की दस लाख रुपये तक की योजना का लाभ व्यापारी ले सकते हैं।