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Meerut News: जीएसटी विभाग कर रहा 760 संदिग्ध फर्मो की जांच

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- सीबीआईटी ने जीएसटी विभाग को भेजी संदिग्ध फर्मों की सूची
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- अखिल भारतीय अभियान के तहत की जा रही फर्मों के प्रपत्रों की जांच
- 26 हजार के करीब व्यापारी जीएसटी विभाग में पंजीकृत
- 02 करोड़ से ज्यादा टैक्स एसआईबी टीम ने जांच के बाद फर्मों से जमा कराया
- 60 फर्मों की जीएसटी विभाग के अधिकारी इस महीने कर चुके जांच

अमन कुमार शर्मा
बिजनौर। जीएसटी चोरी करने वाले वाले व्यापारियों को लेकर विभाग सख्ती बरत रहा है। ऐसे में केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीआईटी) ने जांच के लिए 760 संदिग्ध फर्मों की सूची भेजी है। इसके बाद से जिले में जीएसटी विभाग के अधिकारियों ने संदिग्ध फर्मों की जांच शुरू कर दी है।

फर्जी फर्मों पर लगाम कसने के लिए 16 अगस्त से 15 अक्तूबर तक अखिल भारतीय अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत सीबीआईटी से आई संदिग्ध फर्मों के प्रपत्रों की जांच की जा रही है। फर्मों द्वारा दाखिल रिटर्न की स्क्रूटनी कर प्रपत्रों की जांच के बाद साफ हो जाएगा कि पंजीयन सही है या नहीं।
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बीते 15 दिनों में करीब 60 से ज्यादा फर्मों के प्रपत्रों की जांच की जा चुकी है। इनमें अभी तक कोई फर्जी फर्म नहीं मिली है। फर्जी फर्म बनाकर व्यापारी जीएसटी चोरी कर रहे हैं, जिससे सरकार को राजस्व की हानि हो रही है। फर्जी फर्म करोड़ों रुपये का कारोबार कर रही हैं, जो कमजोर वर्गों के व्यक्तियों से बिना बताए उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड आदि लेकर फर्जी फर्म बनाई गई हैं।

हर साल पंजीकृत व्यापारी को 40 हजार कर जमा करना अनिवार्य
जीएसटी विभाग में पंजीकृत व्यापारी का सालाना टर्नओवर 40 लाख से डेढ़ करोड़ होना चाहिए। इसके बाद ही वह जीएसटी विभाग में अपना पंजीकरण करा सकता है। इसके चलते पंजीकृत व्यापारी को कम से कम 40 हजार रुपये और अधिकतम डेढ़ लाख रुपये तक टैक्स जमा करना होता है।

पिछले साल जांच में फर्जी निकली थी 17 फर्मे
अखिल भारतीय अभियान के तहत साल 2023 में भी 100 से ज्यादा फर्मों की जांच की गई थी। इसमें 17 फर्में फर्जी पाई गई थी। कुछ फर्में अस्तित्व में नहीं मिली तो कुछ फर्मों के प्रपत्र गलत थे। इसके बाद इन फर्मों का पंजीयन रद्द कर दिया गया था।

इस सत्र में जमा कराया दो करोड़ से ज्यादा टैक्स
जीएसटी एसआईबी टीम फर्मों की जांच कर टैक्स जमा करा रही है। इस सत्र में अप्रैल से अब तक करीब सवा दो करोड़ रुपये का टैक्स जमा कराया गया। साथ ही टैक्स जमा करने वाली और फर्मों की भी जांच चल रही है।

ग्राम पंचायतों सेे जमा कराया 42 लाख रुपये का टैक्स
जीएसटी विभाग के उपायुक्त संजय कुमार ने बताया कि ग्राम पंचायतों में होने वाले काम का अभी तक टैक्स जमा नहीं हो रहा था। मगर, डीएम और सीडीओ के निर्देशन में ग्राम पंचायतों से भी टैक्स जमा कराया गया। ग्राम पंचायतों से जुलाई माह तक करीब 42 लाख रुपये टैक्स जमा कराया। जबकि कुछ फर्मों ने ज्यादातर टैक्स पहले ही जमा कर दिया था।
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केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर बोर्ड से 760 संदिग्ध फर्मों की सूची भेजी गई है, जिनकी जांच की जा रही है। प्रपत्रों की जांच के बाद फर्जी फर्म पाए जाने पर पंजीकरण रद्द करेंगे। साथ ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी। - राजीव आर्थर, संयुक्त आयुक्त, कार्यपालक, जीएसटी, बिजनौर
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