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नशा उतरने पर फूट-फूट कर रोया हत्यारा भाई

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नशा उतरने पर फूट-फूट कर रोया हत्यारा भाई
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मोदीनगर। भोजपुर थानाक्षेत्र के पिलखुवा से सटे गांव मुकीमपुर में रविवार देर रात शराब के नशे में हुए विवाद के दौरान रोटी बनाने वाले तवे से गर्दन पर प्रहार कर बड़े भाई बबलू की हत्या के मामले में पुलिस ने आरोपी छोटे भाई अर्जुन को गिरफ्तार कर लिया है। सोमवर सुबह नशा उतरने के बाद बड़े भाई बबलू का हत्यारोपी अर्जुन थाने में फूट-फूट कर रोया। नशे में दोनों भाई आए दिन झगड़तेे रहते थे।
थाना क्षेत्र के मुकीमपुर गांव निवासी बबलू प्रजापति 25 अपनी पत्नी रश्मि, मां सुमित्रा देवी व छोटे भाई अर्जुन के साथ रहते थे। बबलू के पिता विनोद प्रजापति की काफी पहले मौत हो चुकी है। बबलू व अर्जुन की आर्थिक स्थिति बेहद तंग हाल है और दोनों मजदूरी करते थे। ग्रामीणों के अनुसार बबलू व अर्जुन दोनों भाई नशे के आदी थे। नशे की हालत में आए दिन दोनों आपस में झगड़ते रहते थे। बताया गया कि रविवार रात शराब के नशे में बबलू अपनी पत्नी रश्मि से गाली-गालौज करते हुए मारपीट करने लगा।
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छोटा भाई अर्जुन भी शराब के नशे में था। अर्जुन ने भाभी के साथ मारपीट का विरोध करते हुए बबलू से हाथापाई शुरू कर दी। देखते ही देखते दोनों भाईयों में खूनी संघर्ष हो गया। संघर्ष के दौरान अर्जुन कमजोर पड़ने लगा। तभी अर्जुन के हाथ रोटी बनाने वाला तवा आ गया और आक्रामक हुए अर्जुन ने अपने बड़े भाई बबलू की गर्दन पर तवे से ताबड़तोड़ प्रहार किए। कुछ ही देर में बबलू लहूलुहान होकर जमीन पर गिर गया।
बबलू की हत्या करने के बाद अर्जुन भी बेसुध होकर वहीं गिर गया। लोगों ने पुलिस को घटना की सूचना दी। चाचा दिनेश की तहरीर पर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर आरोपी अर्जुन को गिरफ्तार कर थाने ले आई। सोमवार को नशा उतरने के बाद भाई की हत्या पर पश्चाताप करते हुए अर्जुन थाने में फूट-फूट कर रोया। रोते रोते वह कई बार बेहोश भी हो गया। सीओ सुनील कुमार सिंह ने बताया कि घरेलू विवाद में छोटे भाई अर्जुन ने तवे से प्रहार कर बड़े भाई की बबलू की हत्या कर दी। चाचा दिनेश की तहरीर पर रिपोर्ट दर्ज कर हत्यारोपी छोटे भाई अर्जुन को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर तवा बरामद कर लिया गया है।
पुलिस ने मोमबत्ती की रोशनी में की कार्रवाई
सुमित्रा देवी के पति विनोद की मौत काफी पहले हो चुकी है। सुमित्रा ने बड़े कठिनाइयों से बबलू और अर्जुन की परवरिश की थी। ग्रामीणों के मुताबिक दोनों भाई नशे के आदी थे। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद तंग है। परिवार एक कच्चे कमरे में रहता है और घर में विद्युत व्यवस्था भी नहीं है। दोनों भाईयों में नशे के कारण आए दिन झगड़ा होता रहता था। रविवार रात एक बार फिर शराब के नशे में दोनों भाईयों में विवाद हो गया। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ा कि तैश में आए छोटे भाई अर्जुन ने बड़े भाई बबलू की हत्या कर दी। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची तो घर में अंधेरा छाया था। अंधेरे के कारण पुलिस को टॉर्च और मोमबत्ती की रोशनी से काम चलाना पड़ा।
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सुमित्रा को अहोई अष्टमी पर मिला पहाड़ जैसा गम
अहोई अष्टमी पर महिलाएं संतान की सुख समृद्धि और दीर्घायु के लिए वृत रखकर पूजा अर्चना करती है। मगर इस बार सुमित्रा को अहोई अष्टमी पर पहाड़ जैसा गम मिला। बड़े बेटे की हत्या हो गई और छोटा बेटा भाई की हत्या के आरोप में जेल चला गया। घटना के बाद सुमित्रा बार-बार बेहोश हो रही थी। सुमित्रा को वहां मौजूद महिलाएं ढांढस बंधा रही थीं। सुमित्रा के अलावा बबलू की पत्नी रश्मि का भी रो-रोकर बुरा हाल था। बबलू की हत्या और अर्जुन के जेल जाने से परिवार के सामने रोजी रोटी का संकट पैदा हो गया। परिवार में कमाने वाला अब कोई नहीं बचा है।
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