22 अगस्त को सुनील किसी काम के लिए घर से कहीं गया था। सुनील के जाने के बाद पीछे से रवि उसके घर पहुंच गया, मगर कुछ ही देर बाद सुनील भी अचानक घर लौट आया। बताया गया कि सुनील ने कि दीपा और रवि को देख लिया। इस बात को लेकर पति-पत्नी में झगड़ा हो गया। इसके बाद पत्नी ने प्रेमी रवि के साथ मिलकर सुनील के सिर में डंडा मारा, जिससे वह बेहोश हो गया। बेहोश होने के बाद रवि ने गला दबाकर सुनील की हत्या कर दी। इसके बाद दोनों ने सुनील के शव को ठिकाने लगाने का षडयंत्र रचा। पहले शव को चादर में लपेटा और फिर मुंह पर प्लास्टिक की पॉलीथिन बांधी। फिर शव को बोरे में भरकर जगतपुरी स्थित ईंख के खेत में फेंक दिया। थाना प्रभारी ने बताया दीपा और रवि को गिरफ्तार कर हत्या में प्रयुक्त सामान बरामद कर लिया गया है।
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पुलिस को बार-बार गुमराह करती रही दीपा, सीसीटीवी फुटेज बने मददगार
थाना प्रभारी योगेंद्र सिंह ने बताया कि सुनील 22 अगस्त को लापता हो गया था। मगर परिजनों ने पुलिस को उसकी सूचना नहीं दी। 23 अगस्त को अज्ञात मिले शव की शिनाख्त 24 अगस्त सुनील कुमार के रूप में हुई। पुलिस ने मामले की जांच शुरू की तो सुनील की गुमशुदगी दर्ज नहीं थी। पत्नी दीपा पर कुछ शक हुआ तो उससे पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान पुलिस को लगातार गुमराह करती रही और बार-बार अपना बयान बदलती रही। मोबाइल डिटेल के आधार पर रवि से प्रेम संबंध का खुलासा हुआ। जगतपुरी कॉलोनी में लगे एक सीसीटीवी कैमरे में रवि साइकिल पर बोरा रखकर जाते हुए देखा गया। इसके बाद पुलिस का शक यकीन में बदल गया। पुलिस ने सख्ती की तो दीपा टूट गई और उसने प्रेमी रवि के साथ मिलकर सुनील की हत्या करना कबूल लिया।