मोदीनगर के निवाड़ी के गांव अबूपुर में भतीजों ने चाचा ओमवीर प्रजापति (45) की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी। ओमवीर शनिवार सुबह पांच बजे काम पर जाने के लिए घर से बाहर निकला था, तभी घात लगाए बैठे बाइक सवार दो भतीजों ने वारदात को अंजाम दिया। गोलियाें की आवाज सुनकर ग्रामीणों ने हमलावरों का पीछा किया मगर आरोपी हवा में हथियार लहराते हुए भाग गए। आरोपी भतीजे एक भाई के साले की हत्या में हापुड़ से फरार चल रहे हैं। ओमवीर की पत्नी ने दोनों भतीजों खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई है।
गांव अबूपुर निवासी ओमवीर प्रजापति ईंट भट्ठे पर ढुलाई का काम करते थे। शनिवार सुबह वह काम पर जाने के लिए घर से निकले तभी भतीजे मोनू और गौरव ने उन पर गोलियां बरसा दी। ग्रामीणों के अनुसार दोनों ने चाचा पर पांच से छह गोलियां चलाई जिसमें से तीन ओमवीर को लगी है। गोलियों की आवाज सुनकर कमलेश, परिजन और अन्य ग्रामीण घर के बाहर आ गए।
उन्होंने शोर मचाया तो मोनू और गौरव भाग गए। परिजन ओमवीर को पहले मोदीनगर स्थित एक निजी अस्पताल ले गए, वहां से गाजियाबाद रेफर कर दिया। गाजियाबाद पहुंचने पर चिकित्सकों ने ओमवीर को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना के बाद एसएसपी मुनिराज जी., एसपी देहात डॉ. ईरज राजा, सीओ सुनील कुमार सिंह तथा निवाड़ी थानाध्यक्ष मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक की टीम ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए।
पड़ोस में ही रहते थे भतीजे
पुलिस के अनुसार ओमवीर के तीन भतीजे सोनू, मोनू और गौरव उसके पड़ोस में ही रहते थे। सोनू की शादी हापुड़ के गांव छज्जुपुर निवासी राधा के साथ हुई थी। सोनू और राधा के बीच विवाद चल रहा है। सोनू अक्सर राधा के साथ मारपीट करता था, जिसमें ओमवीर राधा का पक्ष लेता था। विवाद के कारण राधा का भाई सचिन अपनी बहन को ले गया था। तीनों भाइयों ने 16 जुलाई को राधा के भाई सचिन की गोलियों से भूनकर हत्या कर दी थी। हापुड़ पुलिस उनकी तलाश में लगी हुई है।
परिवार सहित एक माह पूर्व छोड़ा गांव
हत्यारोपियों ने दोनों घटनाएं प्लानिंग के साथ की है। भाई की पत्नी के घर से जाने के बाद तीनों भाई ओमवीर से रंजिश रखने लगे। एक माह पूर्व तीनों भाई अपनी मां के साथ गांव छोड़कर कहीं और चले गए। इसके बाद उन्होंने हापुड़ के छज्जुपुर गांव में 16 जुलाई को सोनू के साले सचिन की हत्या की और फरार हो गए। सचिन की हत्या के 15 दिन के अंदर दूसरी घटना को अंजाम दे दिया।
हत्या करने का तरीका और समय एक जैसा
सोनू, मोनू और गौरव ने दोनों घटनाओं के लिए शनिवार का दिन ही चुना और सुबह चार से पांच बजे के बीच घटना को अंजाम दिया। पुलिस के अनुसार सोनू के साले की सुबह दौड़ के लिए जाते समय हत्या की गई तथा चाचा ओमवीर की सुबह के समय काम पर जाने की तैयारी के समय। दोनों हत्याओं में बाइक का इस्तेमाल किया।
ओमवीर की पत्नी कमलेश की तहरीर पर मोनू और गौरव के खिलाफ हत्या की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। हत्यारोपियों की तलाश में तीन टीमें गठित कर दी गई हैं। जल्द ही हत्यारोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
- सुनील कुमार सिंह, सीओ मोदीनगर