रोहटा। रोहटा ब्लॉक सभागार में तीन दिवसीय भूजल एवं स्वच्छता मिशन कायाकल्प के तहत प्रशिक्षण कार्यक्रम चल रहा है। शुक्रवार को तीसरे दिन इसका समापन हो गया। इसमें भूजल के गिरते जल स्तर और गुणवत्ता पर गहन विमर्श व स्थायी समाधान के लिए जलग्रहण विकास एवं मृदा संरक्षण की जानकारी दी गई। कार्यक्रम में ग्राम सचिव, ग्राम प्रधान व संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। एडीओ पंचायत विवेकानंद ने कहा कि प्रत्येक जीव के संपूर्ण जीवन निर्वाह के लिए जल आधारभूत प्राकृतिक संसाधन हैं। जल के बिना भूमंडल पर जीवन की कल्पना नहीं की जा सकती। प्रशिक्षक करणवीर, तौसिफ अली, पिंटू ने कहा कि हमारे पूर्वज बहुत दूरदृष्टा थे व जल का जीवन में क्या महत्व है, इसकी गहरी समझ रखते थे। यही कारण है कि सभी सभ्यताएं एवं प्राचीन नगर नदियों व जल स्रोतों के करीब ही विकसित व समृद्ध होकर सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बनी। संचालन मनोज कुमार ने किया। विनोद कुमार, अंकुर सैनी, उमेश तोमर, धर्मेंद्र कुमार, नरेश पाल, प्रमोद कुमार, सोनू कुमार आदि मौजूद रहे।