हस्तिनापुर। हस्तिनापुर स्थित तीर्थ धाम चिदायतन में ऑनलाइन आध्यात्मिक सत्पुरुष कानजी स्वामी, पंडित टोडरमल स्मारक ट्रस्ट व अखिल भारतीय युवा फेडरेशन द्वारा आयोजित जैन संस्कार ई-शिविर में दूसरे दिन श्रुतपंचमी पर्व पर विशेष कार्यक्रम हुए। प्रारंभ में मंगलाचरण का पाठ किया गया। जिनेंद्र भगवान की पूजा-अर्चना की गई। पंडित डॉ. हुकुमचंद भारिल्ल का संबोधन हुआ। उन्होंने श्रुतपंचमी की महत्ता के बारे में बताया। बालक व बालिकाओं के इस शिविर के माध्यम से जैन धर्म के सिद्धांतों का प्रचार करने के लिए आयोजकों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि युवा वर्ग धार्मिक आस्था में कम रुचि लेता है। उसके लिए यह बहुत आवश्यक है कि वह ज्यादा से ज्यादा ध्यान धर्म की ओर लगाए। डॉ. मनीष शास्त्री, पंडित जिनेंद्र शास्त्री व पंडित निखिल शास्त्री द्वारा जैन धर्म के मूल सिद्धांत जैसे णमोकार मंत्र, देव शास्त्र पूजा, पाप, कषाय, तीन लोक की महत्ता व श्री श्रुतपंचमी पर्व के बारे में विस्तार से बताया। कथा सुबह 9:30 से शाम 4:40 तक चली। उसके बाद जिनेंद्र भक्ति व सामूहिक पूजन हुआ। कार्यक्रम के लिए प्रवक्ता अरुण कुमार जैन, सौरभ जैन, अजय जैन, संयम जैन, आयुष जैन, नकुल जैन, मुकेश जैन, अजित प्रसाद जैन आदि का विशेष सहयोग रहा।