मेरठ। लोहियानगर में कूड़े का पहाड़ और भूगर्भ जल प्रदूषित पर तीखी टिप्पणी के बावजूद भी नगर निगम एनजीटी के आदेश का उल्लंघन कर रहा है। आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने बुधवार को राज्य और केंद्रीय नियंत्रण प्रदूषण बोर्ड, नगर विकास स्वास्थ्य एवं स्वच्छ मिशन, कमिश्नर और डीएम सहित कई अधिकारियों को शिकायती पत्र भेजा। आरोप लगाया कि एनजीटी द्वारा लोहियानगर में कूड़ा डालने पर 9 मई 2023 से प्रतिबंध लगाने के बाद भी नगर निगम रोजाना वहां पर 1200 टन कूड़ा डाल रहा है।
24 अप्रैल 2023 को एनजीटी की टीम आरटीआई कार्यकर्ता की शिकायत पर लोहियानगर में पहुंची थी। कूड़े का पहाड़ और भूगर्भ जल प्रदूषित देखकर एनजीटी ने अपनी ही कोर्ट में रिपोर्ट दी थी। जिस पर एनजीटी कोर्ट ने नगर निगम पर तीखी टिप्पणी कर नगर आयुक्त पर नाराजगी जताई थी। एक माह में कूड़ा निस्तारण न करने पर एनजीटी ने पांच हजार करोड़ रुपये का जुर्माना निगम पर लगाने की चेतावनी दी। नौ मई से लोहियानगर में कूड़ा न डालने की बात निगम को कही थी।
वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाएं
लोहियानगर में कूड़े का निस्तारण प्लांट नहीं है, बल्कि वहां नगर निगम ने कूड़े की छंटनी का प्लांट चलाया हुआ है। एनजीटी व उनके साथ आई जांच समिति ने कूड़े की छंटनी नहीं, बल्कि वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाने के निर्देश दिए थे। एनजीटी ने साफ कहा कि अगर शहर की गंदगी खत्म करनी है तो वेस्ट टू एनर्जी प्लांट लगाना होगा। एनजीटी ने नगर निगम को इस बाबत रिपोर्ट देने के लिए एक महीने समय दिया।
मंगतपुरम में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की तैयारी
नगर निगम मंगतपुरम में कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाने की तैयारी में लगा है। निगम के अधिकारी दो बार मंगतपुरम में सर्वे भी कर चुके है। हालांकि अभी निगम के अधिकारी तय नहीं कर पा रहे हैं कि किस कंपनी को ठेका दिया जाए या फिर खुद नगर निगम कूड़ा निस्तारण प्लांट लगाए। वर्तमान में नगर आयुक्त अमित पाल शर्मा ने पशु कल्याण अधिकारी डॉ. हरपाल सिंह को नगर निगम द्वारा कूड़ा निस्तारण कराने की जिम्मेदारी दी है। डॉ. हरपाल सिंह का कहना कि एनजीटी ने एक महीने का समय दिया हुआ है। फिलहाल लोहियानगर में ही कूड़ा डाला जा रहा है।