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Meerut News: सूख रही गंगनहर, मेरठ के लिए रोका गया पानी

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मेरठ। हरिद्वार के भीमगोड़ा से दस दिन पहले बंद हुई गंगनहर में अब पानी सूखना शुरू हो गया है। जगह-जगह लगाए गए बांध पर पानी रोका गया है। इससे मेरठ और दिल्ली की जनता की प्यास बुझाने का प्रयास किया जा रहा है। अभी 15 अप्रैल से पहले गंगनहर को नहीं चलाया जाएगा। इतने दिन तक जनता को नहर में जमा पानी से ही प्यास बुझानी होगी।
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गंगनहर की क्षमता लगभग आठ हजार क्यूसेक पानी की है। फिलहाल नहर में जगह-जगह जमा किया गया पानी लगभग दो हजार क्यूसेक है। हरिद्वार भीमगोड़ा से गंगनहर में पानी छोड़ा जाता है। गंगनहर का पानी खेतों की सिंचाई के साथ साथ मेरठ और दिल्ली की जनता की प्यास बुझाने में भी इस्तेमाल किया जाता है।
गंगनहर से मेरठ को मिलता है 45 क्यूसेक पानी
- गंगनहर पर लगे गंगाजल ट्रीटमेंट प्लांट से मेरठ की जनता को लगभग 45 क्यूसेक पानी की आपूर्ति हो रही है। बताया जा रहा है कि गंगनहर में पानी की कमी के कारण ट्रीटमेंट प्लांट को पर्याप्त गंगाजल नहीं मिली रहा है। जिसके कारण अधिक समय तक प्लांट चलाकर शहर को जलापूर्ति की जा रही है।
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रजबहों से हो रहा है रेत का खनन
- नहर बंद होने के कारण रजबहे और माइनर पूरी तरह सूख गए हैं। देहात में इन रजबहों से लोग अवैध तरीके से रेत का खनन कर रहे हैं। जिससे रजबहे टूटने का भी खतरा उत्पन्न होता है। सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने शिकायत के बाद भी कोई कदम नहीं उठाया है।
दिल्ली और मेरठ की जलापूर्ति के लिए पानी की कमी नहीं
- सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता नीरज लांबा का कहना है कि दिल्ली और मेरठ की जलापूर्ति के लिए पानी की कमी नहीं है। नहर में जगह जगह पानी को रोका हुआ है। जिससे जलापूर्ति की जा रही है। उधर किसानों की गेहूं की फसल पकी खड़ी है। इन दिनों में कम से कम 15 दिन तक खेतों की सिंचाई के लिए पानी की जरूरत नहीं होती है। उधर दो बार बारिश भी हो गई। इस कारण 25 मार्च से गंगनहर को बंद कर दिया गया था। अब 15 से 20 अप्रैल को नहर चालू की जाएगी।
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