मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता में शामिल गंगा एक्सप्रेसवे का कार्य तेज गति से किया जा रहा है। बारिश के कारण जमीन समतलीकरण में बाधा आई, लेकिन अब कार्य की रफ्तार बढ़ रही है। चार चरणों में बनाए जा रहे 593 किमी मेरठ से प्रयागराज तक गंगा एक्सप्रेसवे के पहले चरण का कार्य अभी तक सबसे अधिक किया गया है। मेरठ स्थित बिजौली गांव से शुरू होने वाले एक्सप्रेसवे में 78.26 प्रतिशत कार्य समतलीकरण का पूरा हो गया है।
पहले चरण का कार्य आईआरबी इन्फ्रास्ट्रक्चर कंपनी को दिया गया है। बाकी तीन चरणों का कार्य अड़ानी ग्रुप को दिया गया है। रोजाना की रिपोर्ट मुख्यमंत्री कार्यालय को औद्योगिक विकास विभाग द्वारा भेजी जा रही है, जिससे कार्य की गति पर रोजाना निगरानी की जा सके।
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सरकार का लक्ष्य है कि कुंभ से पहले एक्सप्रेसवे को शुरू कर दिया जाए। मेरठ में ही निर्माण सामग्री के लिए प्लांट लगाया है। इसके अलावा मेरठ के नौ गांवों में अब कोई किसी भी प्रकार की बाधा भी एक्सप्रेसवे निर्माण में नहीं है।
पहले चरण में सबसे अधिक काम, चौथे चरण में सबसे कम
गंगा एक्सप्रेसवे की 29 अगस्त तक की रिपोर्ट में पहले चरण में सबसे अधिक काम किया गया है। पहले चरण में 129.700 किमी में से 101.500 किमी का कार्य पूरा हो गया है। दूसरे चरण में 151.700 किमी में से 107.665 किमी का कार्य पूरा हो गया है। तीसरे चरण में 155.700 किमी में से 89.670 किमी कार्य पूरा है। सबसे कम चौथे चरण में 156.847 किमी में से सिर्फ 85.498 मिट्टी समतलीकरण कार्य ही हुआ है।