मेरठ। मेरठ कॉलेज के इतिहास विभाग में बृहस्पतिवार को एक दिवसीय अतिथि व्याख्यान हुआ। इसमें मुख्य अतिथि एवं वक्ता इंदिरा गांधी रेवाड़ी यूनिवर्सिटी के प्रो. जीआर मलिक ने व्याख्यान दिया। उन्होंने गांधीवादी विचारधारा एवं वर्तमान में प्रासंगिकता विषय पर कहा कि गांधी जी के विचार लोक दृष्टि एवं विशिष्ट विचारधारा की दृष्टि से प्रासंगिक हैं। उन्होंने दक्षिण अफ्रीका में किए असहयोग आंदोलन से लेकर भारत में चलाए जाने वाले असहयोग, सविनय एवं भारत छोड़ो आंदोलनों पर प्रकाश डाला। उन्होंने भगत सिंह की फंासी, सुभाष चंद्र बोस से गांधी जी का विवाद एवं पटेल से गांधी की मत भिन्नता पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि गांधी जी ने 1945 में ही नेहरू को उत्तराधिकारी घोषित कर दिया था। प्रो. मलिक ने गांधी जी के अंहिसा, समाजवाद संबंधी एवं लघु उद्योगों संबंधी विचारधारा विवरण दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता डॉ. अर्चना सिंह ने की तथा संचालन डॉ. चंद्रशेखर भारद्वाज ने किया। यहां डॉ. राजकुमार सांगवान और डॉ. वकुल रस्तोगी ने प्रो. मलिक को पौधा भेंट किया। कार्यक्रम में हितेश कुमार, टिंकू कुमार, प्रियंका एवं निशांत का सहयोग रहा।