आईआईएमटी विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर पर मुकदमा
मेरठ। गंगानगर स्थित आईआईएमसी विश्वविद्यालय के पूर्व वाइस चांसलर मनोज कुमार मदान पर सोमवार रात गंगानगर थाने में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो गया है। आरोप कि मनोज मदान ने करीब एक साल तक विश्वविद्यालय में फर्जी दस्तावेज लगाकर नौकरी कर वेतन के तौर पर 14.40 लाख रुपये लिए है।
आईआईएमटी विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से अधिकृत मनोज कुमार ने सोमवार को एसएसपी ऑफिस में एक शिकायती पत्र दिया। बताया गया है कि विश्वविद्यालय में मनोज कुमार मदान सितंबर 2000 से सितंबर 2021 तक वाइस चांसलर के पद पर नियुक्त रहे। उन्होंने वेतन के साथ पीएफ भी निकाल लिया है। विश्वविद्यालय प्रशासन का आरोप है कि मदान की पीएचडी की डिग्री फर्जी है। मेरठ से पहले वह राजस्थान के सीकर जिले के लक्ष्मणगढ़ में मोदी विज्ञान एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में नौकरी करते थे।
शिकायत मिलने पर 2019 में उनके खिलाफ राजस्थान में धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हुआ था जिसमें वह जेल गए थे। एसएसपी ने मनोज मदान पर केस दर्ज करने के आदेश कर दिए हैं। सोमवार रात में मनोज मदान पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज हो गया। एसएससी रोहित सिंह सजवाण ने बताया कि शिकायती पत्र पर गंगानगर थाने में पूर्व वाइस चांसलर पर मुकदमा दर्ज कराया गया है। थाना पुलिस मामले की जांच कर अगले की कार्रवाई करेंगी। राजस्थान से भी इसकी जानकारी ली जाएगी।