तेंदुए की तलाश में निकले वन अधिकारी, तालाब पर दिखी फिश कैट
हस्तिनापुर। क्षेत्र के गांव रानी नगला में तेंदुआ होने की सूचना आग की तरह फैल गई। इससे ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। सैकड़ों ग्रामीण गांव के समीप तालाब पर पहुंच गए और मामले की सूचना वन विभाग को दी।
गांव रानी नगला में शुक्रवार देर शाम किसी ग्रामीण को तालाब को तेंदुआ होने की आहट दिखी। उसने ग्रामीणों को तो तेंदुआ होने की सूचना गांव में आग की तरह फैल गई और ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने मामले की सूचना वन विभाग के अधिकारियों को दी। वन रेंजर नवरत्न सिंह, डिप्टी रेंजर मनोज कुमार, रोबिन कुमार आदि रानी नगला गांव पहुंचे। वन विभाग की टीम ने तलाश शुरू की, लेकिन तेंदुआ कहीं नहीं दिखा। डिप्टी रेंजर मनोज कुमार ने बताया कि गांव के पास फिश कैट दिखाई दी। गांव में मछली का तालाब के पास जंगली बिल्ली मौजूद थी, जिसे ग्रामीण तेंदुआ समझ बैठे। तेंदुए के निशान भी मौके पर नहीं मिले। इसके बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
फफूंडा में तेंदुए की तलाश में चला अभियान
मेरठ। वन विभाग ने तीसरे दिन शुक्रवार को भी तेंदुए की तलाश में खानपुर के जंगलों में सर्च ऑपरेशन चलाया। टीम को तेंदुए के निशान नहीं मिले। वन विभाग की टीम ने गांव में पिंजरा तक रखवा दिया है। तेंदुआ देखे जाने पर पिंजरा लगाया जाएगा।
बुधवार सुबह खानपुर गांव में गन्ने के खेत में तेंदुआ देखा गया था। वन विभाग की टीम को तेंदुए के पंजों के निशान भी खेत में मिले थे। शुक्रवार को भी वन विभाग की टीम ने खानपुर, फफूंडा के आसपास के क्षेत्र में अभियान चलाया, लेकिन तेंदुए के कोई निशान नहीं मिले। डीएफओ राजेश कुमार ने बताया कि ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है। साथ ही पिंजरा भी गांव में रखवा दिया गया है, जरूरत पड़ने पर पिंजरा लगवाया जाएगा।