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Meerut News: नहीं मिली फोर्स, न्यूटिमा को सील करने की कार्रवाई टली

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मेरठ। गढ़ रोड स्थित न्यूटिमा अस्पताल को सील करने की मेरठ विकास प्राधिकरण (मेडा) की कार्रवाई बुधवार को स्थगित हो गई। जिला प्रशासन की ओर से इन दिनों लगातार सार्वजनिक कार्यक्रम होने का हवाला देते हुए पुलिस फोर्स देने से इन्कार कर दिया गया। सीएमओ द्वारा भी भर्ती मरीजों के स्वास्थ्य को लेकर दो सप्ताह की मोहलत मांगी गई। इस दौरान सुबह नौ बजे से ही बड़ी संख्या में आईएमए, नीमा और नर्सिंग होम एसोसिएशन के पदाधिकारी, चिकित्सक व स्टाफ न्यूटिमा अस्पताल में टेंट लगाकर बैठे रहे। सुबह साढ़े 10 बजे कार्रवाई स्थगित होने की सूचना पर आईएमए ने मेडा और पुलिस-प्रशासन के अधिकारियों का आभार जताया। आमरण अनशन कर रहे विधायक अतुल प्रधान का साथ न देने वालों को भी धन्यवाद ज्ञापित किया।
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मेडा अफसरों के मुताबिक, 28 नवंबर 2014 को न्यूटिमा अस्पताल का नक्शा स्वीकृत कराया गया था। इसके तहत लोअर बेसमेंट एवं अपर बेसमेंट में पार्किंग का प्रावधान किया गया था, लेकिन मौके पर अस्पताल प्रबंधन द्वारा पार्किंग के स्थान पर मैनेजमेंट ऑफिस, पैथोलॉजी लैब व जांच केंद्र संचालित मिले। इसके अलावा बेसमेंट का इस्तेमाल पावर हाउस के रूप में किया जा रहा है। कमिश्नर ने 40 प्रतिशत क्षेत्र में किए गए पार्टीशन को एक माह की अवधि के अंदर हटाने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मेडा ने अस्पताल को 21 दिन का नोटिस दिया था, जिसकी मियाद सोमवार को खत्म हो गई।
प्रभारी अधिकारी प्रवर्तन अर्पित यादव ने बताया कि सीएमओ द्वारा मरीजों के स्वास्थ्य का हवाला देते हुए दो सप्ताह का समय मांगा गया है। दूसरी ओर सार्वजनिक आयोजनों के कारण पुलिस-प्रशासन ने फोर्स देने में असमर्थता जताई। इसके बाद सीलिंग की कार्रवाई को फिलहाल स्थगित कर दिया गया है। आईएमए अध्यक्ष डॉ. संदीप जैन ने कहा कि मेडा, पुलिस-प्रशासन और सीएमओ ने मरीजों के हित में न्यूटिमा अस्पताल को अतिरिक्त समय दिया है, इसके लिए सभी चिकित्सकों की तरफ से इनका आभार है।
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राष्ट्रीय कवि हरिओम पंवार ने की डॉ. संदीप गर्ग की सराहना

राष्ट्रीय कवि डॉ. हरिओम पंवार ने वीडियो जारी कर न्यूटिमा के डॉ. संदीप गर्ग की सराहना की है। उन्होंने कहा कि मुझे 2016 में किडनी की समस्या हुई थी। डॉ. संदीप गर्ग ने मेरा इलाज किया। इलाज का एक भी पैसा नहीं लिया। दिन में दो बार मुझे देखने के लिए आते थे। वे मेरे प्राण रक्षक हैं और मेरे लिए देवदूत हैं। उनमें मानवता है। जब भी मैं किसी को उनके पास इलाज के लिए भेजता हूं तो वह स्वास्थ्य लाभ लेकर ही लौटता है।
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