नौ जनवरी को किया गया जिला बदर
सचिन पर फलावदा थाने में 15 मुकदमे दर्ज हैं। स्थानीय पुलिस ने लंबा आपराधिक इतिहास होने तथा गुंडा एक्ट होने के कारण नौ जनवरी को जिला बदर किया गया था। सचिन पर हत्या, हत्या का प्रयास, चोरी, जान से मारने की धमकी, एनडीपीएस और गुंडा एक्ट के तहत केस दर्ज थे। अब वह जमानत पर आया हुआ था।
थाना प्रभारी से मांगा स्पष्टीकरण
सचिन की हत्या के बाद फलावदा थाना पुलिस भी सवालों के घेरे में है। सचिन को जिला बदर किया गया था, जबकि जिला बदर होने के बाद भी वह अपने घर पर था। जहां से आरोपी उसे बुलाकर ले गए थे।
सवाल यह है कि क्या पुलिस को इसकी जानकारी नहीं थी कि जिस व्यक्ति को जिला बदर कर रखा है वह घर पर है। यदि वह घर पर नहीं होता तो शायद उसकी हत्या भी नहीं होती। इस लापरवाही पर पुलिस अधिकारियों ने फलावदा थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण मांगा है।
मृतक के सिर और शरीर के अन्य हिस्सों पर चोट के निशान मिले हैं। कई आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। उनकी तलाश की जा रही है। जल्द ही हत्याकांड का खुलासा कर दिया जाएगा। फलावदा थाना प्रभारी से स्पष्टीकरण भी मांगा गया है कि जिला बदर आरोपी गांव में कैसे आया हुआ था। - कमलेश बहादुर, एसपी देहात