मेरठ। प्रारंभिक अर्हता परीक्षा (पीईटी) के दूसरे दिन रविवार को जिले के 56 केंद्रों पर 35, 787 अभ्यर्थियों ने परीक्षा दी। दोनों पालियों की परीक्षा समाप्त होने के बाद रेलवे स्टेशन और बस स्टेशनों पर घर लौटने वालों की भारी भीड़ जुट गई। प्लेटफार्म पर संगम एक्सप्रेस, नौचंदी एक्सप्रेस, सहारनपुर-दिल्ली सुपर फास्ट आदि ट्रेनों में सीटों के लिए मारामारी मच गई। कुछ यात्री ट्रेन की खिड़की से घुसते नजर आए। एक साथ घर लौटने की जल्दी में बस अड्डों पर भी भारी भीड़ जुट गई। रोडवेज बसों की संख्या ज्यादा होने के बावजूद बसों में बैठने के लिए लोग धक्कामुक्की करते रहे।
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की ओर से शनिवार और रविवार को परीक्षा आयोजित की गई थी। दोनों पालियों में 27864 छात्र-छात्राएं पंजीकृत थे। पहली पाली में 17845 और दूसरी पाली में 17942 परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी। 19 हजार 941 छात्र-छात्राएं अनुपस्थित रहे। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन की ओर से कड़े इंतजाम किए गए थे। केंद्रों पर परीक्षा शुरु होने से आधा घंटे पहले परीक्षार्थियों का प्रवेश बंद कर दिया गया। परीक्षार्थियों के इलेक्ट्रानिक डिवाइस व मोबाइल फोन आदि केंद्र के बाहर जमा करा लिए गए। मेरठ में मुजफ्फरनगर, शामली, मुरादाबाद, रामपुर, संभल, बदायूं, अलीगढ़, दिल्ली से अभ्यर्थी परीक्षा देने आए। परीक्षा केंद्र दूसरे जिलों में होने की वजह से अभ्यर्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा। परिजनों के साथ आए कई परीक्षार्थियोंं को परीक्षा के बाद घर लौटने के लिए सड़कों पर जाम और बस स्टेशन और रेलवे स्टेशन पर भारी भीड़ से रूबरू होना पड़ा।
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पिता के साथ पहुंचे बच्चे, पति-बच्चों के साथ महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। परीक्षा केंद्र दूसरे जिलों में होने की वजह से अभ्यर्थियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़। कई परीक्षार्थियों के साथ माता-पिता और कई महिलाओं के साथ उनके पति और बच्चों को भी केंद्रो तक जाना पड़ा। तमाम महिलाएं अपने पति और बच्चों के साथ परीक्षा केंद्र पहुंची। महिला के परीक्षा देने के दौरान पति केंद्रों के बाहर बच्चों को संभालने में लगे रहे। अपनी बेटी आरुषी को परीक्षा दिलाने आए सुधीर ने बताया कि परीक्षा केंद्र दूर होने की वजह से काफी परेशानी आने-जाने में हुई है। केंद्र अपने जिले में होना चाहिए था। नोएडा से अपने बेटे को परीक्षा दिलाने आए भरत सिंह ने बताया कि पेपर के लिए दुकान बंद कर आना पड़ा। बेटे को अकेला नहीं भेज सकता था। फिर जगह पता न होने की वजह से केंद्र खोजने में काफी समय लग गया। चंदौसी से आए सतवीर ने बताया कि वह अपनी बेटी साक्षी और चांदनी को यह परीक्षा दिलाने आए है। उन्होंने बताया कि चंदौसी के काफी बच्चों का केंद्र मेरठ में पड़ा है। इसलिए वहां से हम सब ने मिलकर बस कर ली थी।
सवाल ज्यादा, निगेटिव मार्किंग के चलते हल प्रश्नों का औसत कम
मेरठ। राजकीय इंटर कॉलेज से परीक्षा देखकर निकले अधिकांश परीक्षार्थियों ने कहा कि प्रश्न पत्र में बेसिक पर कम ध्यान दिया गया था। सामान्य ज्ञान के प्रश्नों को अधिक शामिल किया गया, लेकिन उनको भी घुमाकर पूछा गया था। ऐसे में पेपर को हल करने में अधिक समय लगा। परीक्षार्थियों का कहना था कि मेरिट हाई जाएगी। क्योंकि निगेटिव मार्किंग होने की वजह से परीक्षार्थियों ने 40 से अधिक सवालों को हल करने का परहेज किया। परीक्षा में 100 सवाल आए थे जिनको 120 मिनट में हल करना था। छात्रों का कहना था कि सवाल की संख्या के हिसाब से पेपर को हल करने के लिए समय कम दिया गया है।
रामपुर से परीक्षा देने आई पिंकी ने बताया कि जीएस के सवाल कठिन थे। नेगेटिव मार्किंग के भय से केवल 65 सवाल ही हल कर पाए। रामपुर से आई अंशिका ने बताया कि नेगेटिव मार्किंग होने की वजह से जो प्रश्न समझ में नहीं आए वह छोड़ने पड़े। क्योंकि प्रश्नों को काफी घुमाफिराकर पूछा गया था। दिल्ली से आए विशाल ने बताया कि मैने परीक्षा की तैयारी ज्यादा नहीं की थी, लेकिन पेपर देखकर लगा कि लेवल बहुत हाई है। ऐसे में इसको पास करना आसान नहीं होगा। दिल्ली से आई आरुषी ने बताया कि सामान्य ज्ञान के सवाल काफी मुश्किल लगे।
इस तरह के पूछे गए प्रश्न
जीवन की सफलता की पहली सीढ़ी कौन सी है। शैशव के शिक्षकों का बच्चें पर क्या असर पड़ता है। किस वर्ष में वित्तीय घाटा पिछले वर्ष की तुलना में सर्वाधिक बढ़ जाता है। किस बौद्ध स्थल पर महिलाओं को पहली बार संघ में नियुक्त किया गया था। मुगल सम्राट बाबर ने किस स्थान पर राणा सांगा और उनके सहयोगियों को हराया था। 1920 में प्रतापगढ़ में पहला किसान मार्च किसने आयोजित किया था। भारत में जीएसटी का प्रस्ताव किसके द्वारा प्रस्तावित किया गया था। कौन सा पेड़ मलेरिया के इलाज के लिए दवा में काम आता है।
परीक्षा के बाद दूसरे दिन भी सड़कों पर लगा जाम
संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। पीईटी की परीक्षा खत्म होने के बाद दूसरे दिन भी सड़कों पर जाम लग गया। ज्यादातक परीक्षाकेंद्र मुख्य सड़कों पर होने के कारण परीक्षा समाप्त होते ही यातायात पर दबाव बढ़ गया और लोग जाम में फंस गए।
करवाचौथ से पहले रविवार होने की वजह से छुट्टी के दिन लोग खरीददारी के लिए भी निकल पड़े। ऐसे में परीक्षा छूटने के बाद बेगमपुल, भैसाली गेट बस अड्डा, केसर गंज, रेलवे रोड चौराहा, मेट्रो प्लाजा, बहादुर मोटर्स, ब्रह्मपुरी, भूमिया का पुल, लिसाड़ी रोड, हाडुड़ अड्डा, ईव्ज चौराहा, बच्चा पार्क पर जाम की स्थिति बन गई। बिजली बंबा बाईपास पर भी दिनभर जाम की स्थिति बनी रही। एसपी यातायात जितेंद्र श्रीवास्तव का कहना है कि परीक्षा के बाद यातायाक कुछ देर के लिए बाधित हुआ था। बाद में स्थिति सामान्य हो गई।