सरधना। संपूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को सरधना तहसील सभागार के गेट पर दुष्कर्म पीड़िता द्वारा कार्रवाई नहीं होने से आहत होकर एसएसपी के सामने डीजल छिड़ककर आत्मदाह का प्रयास किया था। सरूरपुर थाना पुलिस ने फजीहत के बाद मुकदमा विभिन्न धाराओं में फिर से दर्ज कर लिया है। दूसरी तरफ, पीड़िता पक्ष ने खतरा बताते हुए पुलिस से सुरक्षा की मांग की है।
सरूरपुर थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग किशोरी के साथ करीब छह माह पूर्व कुछ लोगों ने घर में घुसकर दुष्कर्म किया था। पीड़िता ने पॉक्सो एक्ट सहित दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। जिसमें आधा दर्जन युवकों को नामजद कराया गया था। जांच के बाद सीओ सरधना शिव प्रताप सिंह द्वारा फाइनल रिपोर्ट लगा दी गई थी।
पुलिस की लापरवाही से खिन्न पीड़ित परिवार व दुष्कर्म पीड़िता ने शनिवार को सरधना तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में एसएसपी के सामने डीजल छिड़ककर आत्मदाह प्रयास किया था। पीड़ित परिवार का कहना है कि आरोपी पक्ष लगातार धमकी देकर समझौते का दबाव बना रहा हैं। इसके चलते पीड़ित पक्ष में दहशत बनी हुई है। आरोप है कि गांव के एक युवक द्वारा आरोपियों को बचाने के लिए पुलिस पर दबाव बनाने की वजह से वह घर में कैद होकर रह गए हैं। इसके बाद पुलिस ने तहरीर के आधार पर गांव के ही सुनील उर्फ सोनू, संजय, नीरज, पूनम, सतबीर, रीना, रुकमा आदि के खिलाफ घर में घुसकर मारपीट करने, धमकाने और जाति सूचक शब्द कहने, दुष्कर्म व पॉक्सो एक्ट का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस द्वारा मामले दोबारा से जांच शुरू कर दी गई है।