ग्राम प्रधान सुनीता के पति रामभूल सिंह ने बताया कि गांव में 25 दिनों में डेढ़ दर्जन से अधिक लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। ग्रामीणों के अनुसार बुखार के चलते सर्वेश पत्नी सुभाष, जयपाल पुत्र भरतू, ग्राम प्रधान की मां ओमवती, सतपाल पुत्र सुरजन सिंह, मुकेश पुत्र लटूर, महेंद्र पुत्र सुलतान आदि की मौत हो चुकी है। ग्राम प्रधान सुनीता सोम का कहना है कि गांव में जानलेवा बुखार का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। गांव में बुखार से डेढ़ दर्जन मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है।
गांव के कई दर्जन लोग अभी भी बुखार से पीड़ित हैं। जिनमें कुछ ग्रामीण मेरठ के निजी अस्पताल तो अन्य गांव ग्रामीण स्थानीय चिकित्सक से इलाज करा रहे हैं। गांव में स्थित क्लीनिक पर मरीजों की भीड़ देखने को मिल रही है। पूजा, सुमन, सोनिया, मोनी, बंटी, मांगे, सुधीर, मुड्डी, लक्ष्मी देवी, नेहा, स्वाति, पायल, तरुण, माया, छवि, नीटू, मोहित आदि सैकड़ों ग्रामीण बुखार से पीड़ित हैं।
गांव कपसाड़ में बुखार की चपेट में काफी ग्रामीण हैं। मामला जानकारी में आने पर गांव में स्वास्थ्य टीम भेजी गई थी। सर्वे कराया जा रहा है। रविवार को भी टीम भेजकर मरीजों का इलाज किया जाएगा। -डा. संदीप गौतम, चिकित्सा प्रभारी, सीएचसी, सरधना