- पार्षद बोले, सौहार्द बिगाड़ने का पाठ पढ़ाते है एआईएमआईएम के पदाधिकारी
- महानगर अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा से डरकर बुजदिली का सुबूत दे गए पार्षद
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माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) के तीन पार्षद आसिफ सैफी (वार्ड-79), शब्बीर कस्सार (वार्ड-85), रिहाना कस्सार (वार्ड-88) और दो कार्यकर्ता नौशाद अंसारी, कय्यूम अंसारी ने बृहस्पतिवार को पार्टी से इस्तीफा दे दिया है। पार्षद आसिफ सैफी ने बताया कि एआईएमआईएम पदाधिकारी सौहार्द बिगाड़ने का पाठ पढ़ाते हैं। वहीं, पार्टी के महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी ने कहा कि पार्षदों ने बुजदिली का परिचय दिया है। उन्होंने भाजपा से डरकर पार्टी छोड़ी है।
पार्षद शब्बीर कस्सार ने बताया कि एआईएमआईएम की विचारधारा और विपक्ष की एकजुटता को नुकसान पहुंचाने का काम किया जा रहा था। इससे नगर निगम में सांप्रदायिक ताकतें मजबूत हुई है। आरोप लगाया है कि कार्यकारिणी चुनाव में भी एआईएमआईएम के महानगर संगठन द्वारा विपक्ष से दूरी बनाकर भाजपा की मदद की। इससे नगर निगम में भाजपा के आठ कार्यकारिणी सदस्य बने हैं। पार्षद आसिफ सैफी ने कहा कि सौहार्द बनाकर अपने वार्ड का विकास कराना उनका एजेंडा है। सांप्रदायिक या भड़काऊ बात उनको पसंद नहीं है। इसके चलते एआईएमआईएम से इस्तीफा दिया है। बताया है कि एआईएमआईएम के अन्य दो पार्षद भी जल्द इस्तीफा देंगे। एआईएमआईएम की विचारधारा पार्षदों और उनके कार्यकर्ताओं को पसंद नहीं है। वहीं, एआईएमआईएम के महानगर अध्यक्ष इमरान अंसारी ने बताया कि नगर निगम में पार्षदों के साथ भाजपा नेताओं ने मारपीट की थी। जिसमें एआईएमआईएम के तीन पार्षदों पर कार्रवाई कराने के लिए भाजपा ने देहलीगेट थाने में तहरीर दी थी। जिसके चलते उनकी पार्टी के पार्षदों ने डरकर पार्टी छोड़ी है। तीनों पार्षदों ने बुजदिली का सुबूत दिया है। पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष असादुदीन ओवैशी की विचारधारा से प्रभावित होकर जनता ने वोट देकर उनको पार्षद बनाया है। तीनों पार्षद पद से भी इस्तीफा दें और दोबारा जनता के बीच में चुनाव में जाए।