खरखौदा (मेरठ)। गंगा एक्सप्रेसवे के निर्माण में खरखौदा क्षेत्र के गांव खड़खड़ी के जंगल में जमीन का कम मुआवजा मिलने का आरोप लगाते हुए किसानों ने निर्माण कई माह से रोक रखा है। सोमवार को पुलिस प्रशासन ने हंगामा कर रहे किसानों को हिरासत में लेकर निर्माण कार्य शुरू करा दिया।
मेरठ से प्रयागराज तक बन रहे गंगा एक्सप्रेसवे का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जिसमें मेरठ क्षेत्र में कई स्थानों पर अंडरपास व पुलों का निर्माण हो रहा है। निर्माणाधीन एक्सप्रेसवे पर खरखौदा क्षेत्र के गांव खड़खड़ी में निर्माणाधीन टोल प्लाजा पर किसानों ने काम रुकवा दिया था। किसानों का आरोप है टोल प्लाजा के लिए प्रशासन ने अधिक जमीन अधिग्रहण की है, लेकिन उसकी एवज में मुआवजा कम दिया जा रहा है। इसे लेकर किसान लगातार विरोध कर रहे थे।
सोमवार को भी जब एक्सप्रेसवे के निर्माण कर रही टीम मौके पर पहुंची तो खड़खड़ी निवासी किसान संतर पाल, दयाचंद, ऋषि पाल, जनेश्वर, अशोक व जयकरण सहित सभी लोग मौके पर पहुंच गए तथा टीम का विरोध किया। इसकी सूचना तुरंत ही पुलिस प्रशासन को दी गई। मौके पर पहुंचे तहसीलदार रामेश्वर प्रसाद खरखौदा पुलिस ने सभी किसानों को हिरासत में ले लिया। जहां बाद में निर्माण कार्य शुरू कर दिया गया।
किसानों की मांग पर लखनऊ से भी एसडीएम स्तर की जांच टीम मौके पर जांच कर चुकी है। किसानों का आरोप गलत है। केवल एक किसान जिसने एलएमसी की जमीन अपनी कृषि भूमि में मिला रखी थी। सबसे अधिक विरोध उसी का है। प्रशासन ने जितनी जमीन अधिग्रहण की, उसी पर कब्जा लिया है तथा उसी का मुआवजा दिया है। -रामेश्वर प्रसाद, तहसीलदार सदर, मेरठ
निर्माण कार्य में जो भी शांति व्यवस्था भंग करेगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण हमें छह किसानों को हिरासत में लिया गया है। अधिकारियों के आदेश के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी। -राजीव कुमार, थाना प्रभारी, निरीक्षक, खरखौदा