आरक्षण पर नजर, भाजपा में टिकट के लिए लखनऊ की दौड़ शुरू
मेरठ। निकाय चुनाव करीब आते ही भाजपा में महापौर के टिकट के लिए लखनऊ की दौड़ शुरू हो गई है। दावेदारों की नजर महापौर पद के आरक्षण पर लगी है। अगर सीट सामान्य कोटे में हुई तो पार्टी में दावेदारी की सूची लंबी है।
महापौर की सीट पर 2017 में भाजपा को हार का सामना करना पड़ा था। तब बसपा से चुनाव लड़ीं सुनीता वर्मा ने कांता कर्दम को 15 हजार से अधिक वोटों से हराया। उस समय सीट अनुसूचित जाति महिला के लिए आरक्षित थी। इस बार भाजपा इस सीट को हर हाल में जीतने की कवायद में जुटी है। मेयर का पद इस बार ओबीसी या सामान्य कोटे में जा सकता है। सीट सामान्य कोटे में हुई तो भाजपा में टिकट का समीकरण काफी उलझेगा। पंजाबी समाज और जैन समाज मेयर पद के लिए लगातार दावा ठोक रहा है।
पंजाबी समाज से इनकी है दावेदारी
अगर सीट पंजाबी समाज के खाते में जाती है तो पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया भी दावेदारी करेंगे। पूर्व कैंट बोर्ड उपाध्यक्ष सुनील वाधवा की भी दावेदारी रहेगी। महामंत्री महेश बाली भी दावेदार हैं। राजेश दीवान, सरदार दलजीत सिंह और नवीन अरोड़ा भी दावेदारी जता सकते हैं।
जैन समाज भी मांग रहा प्रतिनिधित्व
जैन समाज के लोग भी प्रतिनिधित्व करने की मांग कर रहे हैं। जैन समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुरेश जैन रितुराज भी अपनी दावेदारी जता रहे हैं।
ब्राह्मण समाज से कई दावेदार
अगर पार्टी ब्राह्मण समाज पर दांव लगाती है तो कमलदत्त शर्मा भी दावेदारी कर सकते हैं। इनके अलावा क्षेत्रीय मीडिया प्रभारी गजेंद्र शर्मा की भी दावेदारी रहेगी। पीयूष शास्त्री भी दावेदारी जताएंगे।
वैश्य समाज का भी मजबूत दावा
अगर भाजपा वैश्य समाज पर दांव खेलती है तो उत्तर प्रदेश उपभोक्ता सहकारी संघ के अध्यक्ष संजीव गोयल सिक्का और महानगर अध्यक्ष मुकेश सिंघल की मजबूत दावेदारी है। वे पार्षद भी रह चुके हैं। इनके अलावा संयुक्त व्यापार संघ अध्यक्ष अजय गुप्ता, बिजेंद्र अग्रवाल, विनीत अग्रवाल शारदा, अरविंद गुप्ता मारवाड़ी, मयंक गुप्ता भी दावेदार हैं। अमित मूर्ति ने भी होर्डिंग के जरिये अपनी दावेदारी जताई है।
ओबीसी कोटे में रहेंगे कई समीकरण
अगर महापौर सीट ओबीसी कोटे में जाती है तो कैंट बोर्ड की पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा की मजबूत दावेदारी रहेगी। इनके अलावा पूर्व महापौर हरिकांत अहलूवालिया और पूर्व महापौर सुशील गुर्जर भी दावेदारी करेंगे। क्षेत्रीय उपाध्यक्ष मनोज पोसवाल लंबे समय से पार्टी के कार्यकर्ता हैं, ऐसे में उनकी भी मजबूत दावेदारी हो सकती है।
अनुसूचित पुरुष कोटे में भी कई नाम
सीट अगर अनुसूचित पुरुष कोटे में जाती है तो यहां भी कई दावेदार हैं। डॉ. चरण सिंह लिसाड़ी पुराने कार्यकर्ताओं में हैं। इनके अलावा क्षेत्रीय कार्यकारिणी में हरेंद्र जाटव हैं। अगर पार्टी युवा नेताओं पर दांव लगाती है तो डॉ. रवि प्रकाश और विनय विरालिया भी दावेदारी कर सकते हैं।
सामान्य-ओबीसी-महिला में भी कई दावेदार
अगर सीट सामान्य या ओबीसी महिला के कोटे में जाती है तो भाजपा में कई दावेदार हैं। पूर्व उपाध्यक्ष बीना वाधवा दोनों श्रेणी में दावेदारी जताएंगी। इनके अलावा सामान्य में रहने पर वर्षा कौशिक, अचला सिंह, प्रवेश त्यागी, पूर्व पार्षद कुलजीत कौर और अंजू वारियर भी दावेदारी कर सकती हैं।