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Meerut News: राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा आज से

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राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा आज से
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नेत्रदान महादान...लोगों की दुनिया हो रही रोशन

मेडिकल कॉलेज में दो हजार नेत्रदान हो चुके, डेढ़ हजार लोगों का नेत्र प्रत्यारोपण हो चुका


माई सिटी रिपोर्टर
मेरठ। नेत्रदान...महादान है। मृत्यु के बाद नेत्रदान करने वाला एक व्यक्ति चार लोगों को रोशनी दे सकता है। पहले दोनों आंखों से केवल दो ही कार्निया मिलती थीं, लेकिन अब नई तकनीक आने के बाद से एक आंख से दो कार्निया प्रत्यारोपित की जा रही हैं। डीमैक ( डेसीमेट मेम्ब्रेन एंडोथेलियल केराटोप्लास्टी) तकनीक से यह प्रत्यारोपण होता है। लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 25 अगस्त से 8 अगस्त तक राष्ट्रीय नेत्रदान पखवाड़ा मनाया जाता है।
एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज साल 2003 में आईबैंक सोसायटी का गठन किया गया था, तब से अब तक करीब दो हज़ार लोग नेत्रदान कर चुके हैं और डेढ़ हजार के नेत्र प्रत्यारोपण हो चुके हैं। इसके अलावा 500 से अधिक नेत्र प्रत्यारोपण के लिए प्रतीक्षारत हैं और एक लाख से अधिक संकल्प पत्र भरे जा चुके हैं।
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मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य व नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ आरसी गुप्ता ने बताया कि अब व्यक्ति के मरने पर उसकी पूरी आंख नहीं बदली जाती है, केवल रोशनी वाली काली पुतली ही ली जाती है। दोनों कार्निया एक साथ नहीं बदली जाती।
नेत्र रोग विभाग के अध्यक्ष डॉ लोकेश कुमार ने बताया कि स्मार्ट फोन की ब्राइटनेस और लगातार देखे जाने से हमारी आंखों पर इसका विपरीत असर पड़ रहा है। फोन से निकलने वाली रोशनी सीधे रेटिना पर असर करती है। इससे धीरे-धीरे देखने की क्षमता कम होने लगती है।
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नेत्र रोग विशेषज्ञों ने आंखों की देखभाल के यह दिए टिप्स

- आँखें साफ रखें। दिन में दो-तीन बार आँख को साफ पानी से जरूर धोएं।
- तेज धूप में धूप के चश्मे का इस्तेमाल करें।
- हरी सब्जी, सीजन का फल एवं दूध का सेवन करना चाहिए।
- पढ़ते समय कमरे में प्रकाश उचित मात्रा में हो एवं बैठकर पढ़ना चाहिए।
- साल में एक बार नेत्र रोग विशेषज्ञ से आँखों की जांच करानी चाहिए।
- मधुमेह के रोगियों को अपनी आंखों की जांच करानी चाहिए, क्योंकि मधुमेह आँख के पर्दे को खराब कर देती है।
- पचास की उम्र पार करने पर व्यक्ति को मोतिया बिन्द के लिए अपनी आँखों की जाँच करवानी चाहिए।
- आँख की बीमारी होने पर स्वयं चिकित्सा न करें।
- आंख में कचरा, धूल का कण आदि डलने पर आँख को मलना नहीं चाहिए।
- किसी दूसरे व्यक्ति का रूमाल एवं तौलिया इस्तेमाल नहीं करना चाहिए।
- लेटकर नहीं पढ़ना चाहिए।
- कम्प्यूटर पर कार्य करते समय कम्प्यूटर एवं आँखों के बीच एक उचित दूरी अवश्य रखें।
- काम करते समय बीच-बीच में आंखों को आराम दें, ठंडे पानी के छीटें मारें।
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नेत्रदान ज्योति समिति करा चुकी 33 नेत्रदान
नेत्रदान ज्योति समिति के अध्यक्ष मनमोहन ढल (पूर्व पार्षद) अब तक एलएलआरएम मेडिकल कॉलेज में 33 नेत्रदान कर आ चुके हैं। उन्होंने पहला नेत्रदान अपनी माता पुष्पा देवी का 13 जुलाई 2016 को कराया था। उनका कहना है कि नेत्रदान महादान है, इसलिए वह लगातार लोगों को इसके लिए जागरूक कर रहे हैं।
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