शामली। बजट में एक जनपद एक उत्पाद में जिले के प्रसिद्ध रिम धुरा को लाभ नहीं दिए जाने से उद्यमी नाराज है। वहीं एमएसएमई सेक्टर में क्रेडिट गारंटी स्कीम का दायरा बढ़ाए जाने और आयकर की सीमा ढाई लाख से बढ़ाकर तीन लाख करने का उद्यमियों ने स्वागत किया है।
रिम धुरा उद्यमी वेदप्रकाश आर्य का कहना है कि आम बजट में क्रेडिट गारंटी स्कीम का दायरा बढ़ाए जाने और आयकर की सीमा बढ़ाना अच्छी बात है। उनके अनुसार बजट में रिम धुरा को विशेष लाभ नहीं दिया गया है। यदि लाभ मिलता तो उद्योग अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और भी अधिक धमाल मचाता। उद्योगों के लिए बिजली की दर भी सस्ती होनी चाहिए थी।
उद्यमी अशोक कुमार मित्तल का कहना है कि उद्योगों पर टैक्स कम होने से उन्हें बढ़ावा मिलेगा। पेपर मिल उद्यमी अभिनव बंसल का कहना है कि टैक्स स्लैब में बदलाव से आम आदमी को राहत मिलेगी।.बाहर की कंपनी को निवेश प्रोत्साहन के लिए कॉर्पोरेट टैक्स भी घटाया है। जिससे देश में बाहर से निवेश आ सकेगा।
उद्यमी अनुज गर्ग का कहना है कि मुद्रा लोन की सीमा 10 लाख से बढ़कर 20 लाख कर दिए जाने से छोटे व्यापारियों को लाभ मिलेगा|। पहली बार काम करने वाले श्रमिकों को रोजगार से जोड़कर एक योजना की घोषणा की गई। जिससे यह योजना रोजगार के पहले चार वर्षों के लिए कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों को ईपीएफओ योगदान के लिए प्रोत्साहन प्रदान करेगी|।
सीए आकाश गुप्ता का कहना है कि वेतनभोगियों के स्टैंडर्ड डिडक्शन की लिमिट 50 से बढ़ाकर 75 हजार की गई है। दूसरा मुद्रा लोन दस से बीस लाख रुपये कर दिया गया है। जिससे एमएसएमई को प्रोत्साहन मिलेगा।