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शाही ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 7:45 बजे होगी

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मेरठ। दिल्ली रोड स्थित शाही ईदगाह में ईद की नमाज सुबह 7:45 बजे होगी। मंगलवार को शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने शाही ईदगाह में कमेटी के सदस्यों और अन्य उलमा के साथ मंथन के बाद यह ऐलान किया गया। वहीं, एसपी सिटी पीयूष कुमार सिंह ने शाही ईदगाह कमेटी के सदस्यों के साथ बैठक की और नमाज स्थल का जायजा भी लिया।
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बैठक की अध्यक्षता मौलाना कारी शफीकुर्रहमान कासमी ने की। इसमें सभी सदस्यों ने शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी सहित अन्य उलमा से फोन पर बातचीत के बाद ईद उल फितर की नमाज का समय तय किया। शहरकाजी ईदगाह में नमाज अदा कराते हैं। ईदगाह कमेटी ने लोगों से अपील की है कि अल-सुबह ईदगाह आएं और अंदर ही नमाज अदा करें। ऐसा ना हो कि ईदगाह अंदर खाली रहे और बाहर की सड़कों पर सफ बिछा ली जाएं।
इस दौरान प्रशासन और नगर निगम से कानून व्यवस्था और सफ़ाई व्यवस्था को बेहतर रखने का अनुरोध किया गया। इस दौरान पूर्व मंत्री मेराजुद्दीन अहमद, कमेटी के सदस्य सैयद सलमान सब्जवारी, एडवोकेट रऊफ, एडवोकेट अलाउद्दीन, हाजी यासीन, सरदार खान, हाजी जावेद, रशीद सिद्दीकी, हाजी अंजुम जमाल, नंबरदार अब्दुल वहीद, तंसीर अहमद सहित अन्य मौजूद रहे।
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21 अप्रैल को देखेंगे ईद-उल-फितर का चांद
शहरकाजी प्रोफेसर जैनुस साजिद्दीन सिद्दीकी ने बताया 21 अप्रैल की शाम को गुदड़ी बाजार स्थित ऊंची मस्जिद में ईद-उल-फितर का चांद देखा जाएगा। अगर चांद नजर आने की पुष्टि होती है तो 22 अप्रैल को ईद का त्योहार मनाया जाएगा,, लेकिन चांद न दिखने की सूरत में देश के मुख्य इस्लामिक संस्थानों में संपर्क साधेंगे, चांद की पुष्टि न होने पर अगले दिन चांद देखेंगे। इस स्थिति में 23 अप्रैल को त्योहार मनाया जाएगा।
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मोहल्ले में कम से कम एक आदमी ऐतकाफ में बैठे
- शहरकाजी ने बताया 20वें रोजे के पूरा होने के साथ 21वीं शब को ऐतकाफ में बैठा जा सकता है। कम से कम मुहल्ले में एक आदमी ऐतकाफ में जरूर बैठे क्योंकि ऐतकाफ वाजिब ए किफाया है, अगर मुहल्ले में एक भी आदमी ऐतकाफ में नहीं बैठता तो पूरे मुहल्ले को गुनाह ( पाप ) मिलेगा। जबकि एक आदमी भी ऐतकाफ में बैठेगा तो सभी को सवाब (पुण्य) मिलेगा। शहरकाजी ने बताया कि ऐतकाफ में दुनियादारी छोड़कर एकांत में सिर्फ अल्लाह के लिए इबादत की जाती है। इसके लिए पुरुष मस्ज्दि में और औरत घर के किसी कमरे में ऐतकाफ में बैठ सकती है।
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