मेरठ। अब नई ई-रिक्शा का संभागीय परिवहन में रजिस्ट्रेशन तभी होगा जब चालक के पास प्रशिक्षण प्रमाण पत्र होगा। इसके लिए ई-रिक्शा चालक को मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल में दस दिन का प्रशिक्षण लेना होगा। हालांकि इस नई व्यवस्था का विरोध भी शुरू हो गया है। ई-रिक्शा चालकों ने इस नई व्यवस्था के विरोध में 25 अक्तूबर को हड़ताल की चेतावनी दी है।
शहर की सड़कों पर ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ रही है। शहर का कोई चौराहा ऐसा नहीं जहां पर ई-रिक्शा के बेतरतीब खड़े होने के कारण जाम न लगता हो। यातायात नियमों की जानकारी का ई-रिक्शा चालकों में अभाव है। इस समस्या का समाधान करने के लिए संभागीय परिवहन विभाग ने यह निर्णय लिया है। हालांकि यह नया आदेश अब उन्हीं ई-रिक्शा चालकों पर लागू होगा जो अब नया ई-रिक्शा खरीदेंगे और आरटीओ विभाग में रजिस्ट्रेशन कराने पहुंचेंगे। इस संबंध में संभागीय परिवहन विभाग के आरआई राहुल शर्मा का कहना है कि विभाग की तरफ से मान्यता प्राप्त ड्राइविंग ट्रेनिंग स्कूल से ही ई-रिक्शा चालक प्रशिक्षण प्राप्त करके प्रमाण पत्र लेंगे। शीघ्र ही मेरठ के एक स्कूल को मान्यता दी जाने की तैयारी है। ई-रिक्शा चालकों को प्रशिक्षण में यातायात नियमों की जानकारी दी जाएगी। इससे ई-रिक्शा चालक भी सुरक्षित रहेंगे और शहर को भी जाम से मुक्ति मिलेगी। ई-रिक्शा चालकों के हित में यह कदम उठाया जा रहा है। ई-रिक्शा चालकों का एक प्रतिनिधि मंडल पिछले सप्ताह कार्यालय में भी आया था। 25 अक्तूबर को ई-रिक्शा चालकों की हड़ताल की चेतावनी की जानकारी विभाग को नहीं है।