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सोशल ऑडिट रिपोर्ट में पेयजल योजना फिसड्डी

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मेरठ। मेरठ सिटीजन फोरम की सोशल ऑडिट रिपोर्ट में मेरठ पेयजल योजना फिसड्डी मिली है। बृहस्पतिवार को जारी रिपोर्ट में बताया कि मेरठ पेयजल योजना पर 341 करोड़ रुपये खर्च करने के बाद भी जलदोहन नहीं रोका जा सका है। आज भी वर्ष 2011 में निर्मित ओवरहेड टैंकों और जलाशयों को चालू नहीं किया जा सका है। गोला कुआं, नौचंदी, माधवपुरम और बच्चा पार्क जलाशयों को वर्ष 2015 से जोड़ा नहीं जा सका है। पहले भी 157 नलकूपों से पानी की आपूर्ति हो रही थी और आज भी इन नलकूपों से भूजल दोहन किया जा रहा है। भोला की झाल पर बने 100 एमएलडी वाटर ट्रीटमेंट प्लांट से केवल 50 एमएलडी पानी ही लिया जाता है। संस्था ने बाकी बचे जलाशयों का जल वितरण लाइन से जोड़कर भूजल दोहन रोकने और अनावश्यक रूप से संचालित एक और दस एचपी के सबमर्सिबल का उपयोग बंद करके उस पर होने वाला खर्च बचाने के सुझाव दिए हैं। इस मौके पर रामपाल सिंह वर्मा, अरविंद कुमार, जागेश और डीके सक्सेना आदि मौजूद रहे।
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