संवाद न्यूज एजेंसी
मेरठ। छावनी परिषद की 12 दिसंबर को होने वाली बोर्ड बैठक में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे जाएंगे। इनमें एनसीआरसीटीसी द्वारा दिए गए 57 करोड़ के विकास कार्य मिलिट्री इंजीनियरिंग सर्विस (एमईएस) से कराने का प्रस्ताव भी रखा जाएगा। पहले इन कार्यों को एनसीआरसीटीसी द्वारा ही कराने का एमओयू हुआ था। बाद में एनसीआरसीटीसी ने पैसा लेने के लिए पत्र लिखा। जिस पर रक्षा मंत्रालय ने चार निर्माण एजेंसियों से निर्माण कार्य कराने का सुझाव देेते हुए छावनी परिषद को उनसे पूछने के कहा। छावनी परिषद ने एमईएस और सीपीडब्ल्यूडी से इस बारे में पूछा तो एमईएस इस कार्य को कराने के लिए तैयार हो गया। इसके बाद साथ ही बोर्ड बैठक में दो कूड़ा निस्तारण प्लांट की डीपीआर भी रखी जाएगी। छावनी परिषद द्वारा लीगेसी वेस्ट और ताजे कूड़े का निस्तारण करने के लिए दो प्लांट लगाए जाएंगे। इनकी डीपीआर तैयार कर ली गई है और इनके निर्माण पर लगभग 25 करोड़ रुपये की लागत आएगी। अब्दुल्लापुर डंपिंग ग्राउंड में दोनों प्लांट बायोरेमेडिएशन तकनीक के बनेंगे। कूड़े की छंटाई करके प्लास्टिक कचरा, ईंट-पत्थर और कंपोस्ट अलग-अलग किया जाएगा। मार्च तक इन दोनों प्लांट को क्रियाशील कर दिया जाएगा। इससे कैंट क्षेत्र में कूड़ा कलेक्शन और कूड़ा उठान में तेजी आएगी।