मेरठ। लिसाड़ीगेट के कांच पुल कमेला रोड स्थित कब्रिस्तान में मूकबधिर महिला शाइस्ता पर कुत्तों से हमला फर्जी पाया गया है। पुलिस की जांच में दोनों पक्षों के बीच सालों से प्रापर्टी विवाद चलना सामने आया है। इसके आधार पर पुलिस की जांच में मुकदमा दर्ज फर्जी निकला है। जल्द ही मुकदमे में पुलिस साक्ष्य जुटाकर अंतिम रिपोर्ट (एफआर) लगाएगी। शाइस्ता की मां शबाना ने बताया कि पांच फरवरी को शाइस्ता शौच के लिए उठी थी। उसी दौरान एक पागल कुत्ते ने उस पर हमला कर दिया था। साजिश के तहत अर्शी ने मुकदमा दर्ज कराया था।
पुलिस के मुताबिक, कोतवाली शाहनत्थन निवासी अर्शी ने एसएसपी रोहित सिंह सजवाण को प्रार्थना पत्र दिया था। बताया था कि पिता इजहार अहमद कांच के पुल कमेला रोड निवासी खिरनी कब्रिस्तान की देखभाल करते हैं। सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के मुतवल्ली भी हैं। अर्शी ने बताया कि बुआ शाइस्ता कब्रिस्तान में रहती हैं। बराबर में ही चाचा फरहान और रिहान रहते हैं। अर्शी ने आरोप लगाया कि चार फरवरी को उनकी बुआ शाइस्ता के ऊपर चाचाओं ने मांस फेंक कुत्तों से हमला करा दिया। जिससे वह बुरी तरह जख्मी हो गई थी।
घायल को गढ़ रोड स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामले में चार लोगो के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज हुआ था। लिसाड़ीगेट थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि प्रापर्टी को लेकर दोनों पक्षों में विवाद चल रहा है। साजिश के तहत फर्जी मुकदमा दर्ज कराया गया था। घायल के भाई ने छह फरवरी को नगर निगम में कुत्ते पकड़ने के लिए प्रार्थना पत्र दिया था। आठ फरवरी की घटना बताई जा रही है। जांच में घटना फर्जी पाई गई। मुकदमे में एफआर लगाई जा रही है।