ग्रेटर नोएडा। कुलेसरा के सरस्वती एनक्लेव कॉलोनी में मंगलवार को डॉक्टर की बेटी शिल्पा की गला घोंटकर हत्या उनके दोस्त और पड़ोसी प्रदीप विश्वास ने की थी। पैसों के लालच में प्रदीप लूट के इरादे से घर में घुसा था, लेकिन बेटी के विरोध करने पर उसने चुन्नी से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। ईकोटेक-3 कोतवाली पुलिस ने हत्या की वारदात का 12 घंटे में पर्दाफाश कर दिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लूट के साढ़े सात लाख रुपये और जूलरी बरामद की है। बुधवार सुबह रकम बरामद कर वापस आते समय प्रदीप ने एक पुलिसकर्मी की पिस्टल छीन कर भागने का प्रयास किया। जवाबी कार्रवाई में पुलिस की गोली पैर में लगने से आरोपी घायल हो गया।
मूलरूप से मेरठ के हस्तिनापुर निवासी प्रदीप विश्वास पेंटर है और वर्तमान में वह नोएडा के गेझा गांव में परिवार के साथ रहता है। पुलिस की प्राथमिक जांच में सामने आया कि मंगलवार सुबह 10:30 बजे डॉ. सुदर्शन बैरागी की पत्नी सुजाता, प्रदीप को गेझा गांव में एक मोबाइल की दुकान पर मिली थीं। बातचीत में उसे पता चला कि घर पर डॉक्टर की बेटी अकेली है। वह बाइक से सीधे डॉक्टर के घर पहुंचा। उसने घर का दरवाजा खुलवाया और डॉक्टर की बेटी शिल्पी से पानी मांगा। आरोपी ने शिल्पी से घर में रखे पैसों के बारे में पूछा तो उसने जानकारी देने से इन्कार कर दिया। इसके बाद वह खुद ही घर में पैसे ढूंढ़ने लगा। शिल्पी ने जब इसका विरोध किया तो आरोपी प्रदीप ने गला घोट कर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद प्रदीप ने घर में रखी नकदी और जूलरी लेकर भाग गया। पुलिस ने घटना का पर्दाफाश करते हुए प्रदीप के घर से चावल के डिब्बे में रखे साढ़े सात लाख रुपये और सोने-चांदी की जूलरी बरामद की है।
अंकल मुझे छोड़ दो कहते हुए चीखती रही शिल्पी
प्रदीप ने शिल्पी से पानी मांगने के बहाने पहले उसे घर में बंद करने का प्रयास किया। शिल्पी को जब कुछ गड़बड़ी का शक हुआ तो उसने मम्मी-पापा को फोन करने की धमकी दी। इस पर प्रदीप भड़क गया और चुन्नी से शिल्पी गला कस दिया। इस दौरान शिल्पी चिल्लाती रही, अंकल छोड़ दो दम घुट रहा है। लेकिन प्रदीप के सिर पर इस कदर खून सवार था कि जब तक उसकी मौत नहीं हो गई तब तक उसका गला चुन्नी से कसे रहा।
सीसीटीवी फुटेज से पुलिस का शक गहराया
घटना की तफ्तीश में पुलिस ने आरोपी प्रदीप के घर के आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज की जांच की। सीसीटीवी में प्रदीप घर से निकलते हुए दिखाई दिया। दो घंटे बाद वह मकान पर वापस लौटा तो पुलिस ने उसके घर की तलाशी ली। खोजबीन के बाद चावल के डब्बे में नकदी और जूलरी वाला बैग बरामद हो गया। डॉक्टर और उनकी पत्नी ने जूलरी और घड़ी की पहचान की। इसके बाद आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया।
आरोपी की मदद करना डॉक्टर को पड़ा भारी
पेंटर का कार्य करने वाले प्रदीप विश्वास की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी। डॉ. सुदर्शन बैरागी से उसकी अच्छी मित्रता थी। डॉक्टर अक्सर उसकी आर्थिक रूप से मदद भी करता था। प्रदीप को मालूम था कि डॉक्टर सुदर्शन का कार्य अच्छा चल रहा है। उसे पता चला कि डॉक्टर कहीं जमीन लेना चाहते हैं। जमीन के लिए पैसा उसके घर पर रखा हुआ था। ऐसे में प्रदीप लालच में आ गया था।
वर्जन
बुधवार तड़के पुलिस आरोपी को उसके घर से कोतवाली लेकर आ रही थी। इस बीच कुलेसरा पुस्ते के पास आरोपी ने लघुशंका जाने की बात कही। लघुशंका जाते वक्त मौका देखकर प्रदीप ने एक सिपाही की पिस्टल छीनकर भागने की कोशिश की। जवाबी कार्रवाई में पैर में गोली लगने से आरोपी घायल हो गया। पुलिस टीम ने उसे अस्पताल में भर्ती करवाया है। - अनिल कुमार यादव, डीसीपी सेंट्रल