मुजफ्फरनगर/जानसठ/रतनपुरी। जिले के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों पर मुख्यमंत्री आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। सभी केंद्रों पर कुल 1933 मरीजों ने उपचार लिया। हालांकि कई जगह चिकित्सक अनुपस्थित रहे। जानसठ के गांव राजपुर कलां में तीन चिकित्सक की अनुपस्थिति में फार्मासिस्ट ने ही मरीजों को परामर्श दिया।
मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. महावीर सिंह फौजदार ने बताया कि आरोग्य मेले में बुखार, सांस, मधुमेह, त्वचा, गैस्ट्रो, पेट दर्द, सिर सर्द, बदन दर्द, चर्म रोग, सर्दी खांसी, ब्लड प्रेशर आदि बीमारी की शिकायत लेकर मरीज पहुंचे। इनमें 724 पुरुष, 681 महिलाएं, 528 बच्चे शामिल रहे।
जानसठ के गांव राजपुर कलां के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सा केंद्र प्रभारी सहित तीन चिकित्सक अनुपस्थित रहे। फार्मासिस्ट ने ही मरीजों को उपचार दिया। हालांकि केंद्र प्रभारी की प्रत्येक रविवार को जानसठ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में इमरजेंसी भी डयूटी लगती है, यहां 26 मरीजों ने उपचार लिया।
इस दौरान मरीज आशा रानी ने कहा कि उसकी कमर और पैर में दर्द था। फार्मासिस्ट शादाब अली ने जांच की और दवाइयां दी। ग्रामीण सुभाष काकरान ने बताया कि वह ब्लड प्रेशर और शुगर की जांच करने के लिए पहुंचे। जांच कर दवा दी गई। राजा प्रजापति ने कहा कि उन्हें सब सुविधा मिली।
उधर, रतनपुरी क्षेत्र में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बड़सू पर आरोग्य मेले का आयोजन किया गया। जिसपर बरसाती मौसम जनित बीमारियों से ग्रसित मरीज पहुंचे। मरीजों को चिकित्सा प्रभारी डॉ. शताक्षी ने परामर्श दिया। उन्होंने बताया कि फिलहाल बरसात का मौसम चल रहा है। जिस कारण फंगल इन्फेक्शन, स्किन एलर्जी, डायरिया, बुखार नजला जुखाम, खांसी आदि के मरीज ज्यादा संख्या में आ रहे हैं। इसके अतिरिक्त महिला रोग संबंधी मरीज भी स्वास्थ्य केंद्र पर पहुंचते हैं।
डायरिया कैंपेन व संचारी रोग की जानकारी दी
आरोग्य मेले में बताया गया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से स्टॉप डायरिया कैंपेन एक जुलाई से चल रहा है, जो 31 अगस्त तक चलेगा। साथ ही संचारी रोग नियंत्रण अभियान के तहत आंगनबाड़ियों की ओर से डेंगू मलेरिया आदि बीमारियों के विषय में जागरूक किया जा रहा है। दस्तक अभियान में आशा गांव में डोर टू डोर जाकर दिमागी बुखार की जांच आदि का कार्य कर रही हैं।