मेरठ। चिन्मय मिशन की ओर से साकेत सत्संग भवन में कार्यक्रम का हुआ। इसमें स्वामी यतीश्वरानंद सरस्वती ने कहा कि संसार को मन, बुद्धि और इंद्रियों से जाना जा सकता है लेकिन परमात्मा को जानने के लिए साधक को विवेक, वैराग्य जैसे गुणों से संपन्न होना होगा। अत:करण की शुद्धि होने पर वह भाव जागृत होता है कि परमात्मा यहां है। इस अवसर पर आरपी सिंह, मनोज, गौरव, रोहित, प्रदीप शर्मा सहित अन्य मौजूद रहे। संवाद