हस्तिनापुर। दिगंबर जैन बड़ा मंदिर में रविवार को आचार्य चैत्य सागर जी महाराज के सानिध्य में विशेष शांति धारा अभिषेक का कार्यक्रम संपन्न हुआ। जिसमें पूरे विश्व की सुख शांति की कामना की गई। प्रार्थना कर कोरोना वायरस महामारी से जल्द छुटकारा मिले। चैत्यसागर ने कहा कि जिस तरह चुंबक अस्थायी और स्थायी दो तरह की होती है। उसी प्रकार मनुष्य का प्रभाव भी दो तरह का होता है स्थायी चुंबक की तरह बनने के लिए मन का शुद्ध होना जरूरी है। इस दौरान उन्होंने मन को शुद्ध करने के कई उपाय भी बताए। कहा, कि भोजन से प्राप्त ऊर्जा मूलाधार चक्र से मस्तिष्क में पहुंचकर उसे विकसित करती है। यदि हम तामसिक आहार लेते हैं उसका नकारात्मक प्रभाव होता है। इसलिए भोजन का सात्विक होना जरूरी है। शुद्ध और शाकाहारी भोजन से कई प्रकार की बीमारियों का अपने आप ही विनाश हो जाता है ईश्वर जैसी चेतना चाहिए तो शरीर, विचार और भाव की शुद्धि जरूरी है। इस अवसर पर मंदिर में विराजमान सभी साधु एवं व श्रद्धालु विशेष पूजा में सम्मलित हुए।