रोहटा। गांव भदौड़ा में श्रीराम कथा के सातवें दिन कथावाचिका साध्वी नीरज ने राम के वनवास और राजा दशरथ के निधन का मार्मिक वर्णन किया। श्रद्धालुओं से श्रीराम के आदर्शों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया।
आयोजित कथा में साध्वी नीरज ने श्रीराम-सीता और लक्ष्मण के वन गमन तथा केवट प्रेम और गंगा पार कराने की कथा का वर्णन करके भक्तजनों को भाव विभोर कर दिया। भगवान श्रीराम अपने पिता के मित्र जटायु का सम्मान अपने पिता के समान ही करते थे। वहीं महल में अपने पुत्र श्रीराम को राज्याभिषेक की जगह चौदह वर्ष के वनवास की आज्ञा देने की विवशता से दुखी दशरथ जी अत्यंत पीड़ा का अनुभव कर रहे थे। हर क्षण उनके मुख से 'राम-राम' निकल रहा था। कौशल्या जी के पास बैठे-बैठे वह बोले, मुझे राम के दर्शन कराओ। इसके अलावा भक्ति आराधना में भजन की प्रस्तुति की गई।
इस दौरान संजीव मलिक, पप्पू मलिक, मंगलसैन प्रधान, गुड्डी देवी, अनमोल, कृष्णपाल प्रधान, नेपाल सिंह, डाॅ. मनोज सिवाच, बिजेंद्र मुखिया, तेजवीर सिंह, आनंदपाल मलिक, अमित शर्मा, नीलम, सतबीरी, राधिका, महेंद्र विश्वकर्मा, कृष्णपाल, पिंटू राजेंद्र योगी रहे।