किठौर। गांव फतेहपुर नारायण में चल रही श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ के तीसरे दिन कथावाचक महेश कृष्ण शास्त्री ने शिव-पार्वती विवाह और समुद्र मंथन की कथा सुनाई। मुख्य यजमान रामभजन त्यागी, राजेश देवी ने पूजा-अर्चना की। कथा के दौरान महेश शास्त्री ने शिव-पार्वती के विवाह की महिमा का वर्णन किया। उन्होंने कहा कि यह प्रसंग केवल शिव और शक्ति के मिलन का प्रतीक नहीं है बल्कि जीवन में धैर्य, तपस्या और प्रेम की महत्ता को भी दर्शाता है। समुद्र मंथन की कथा के माध्यम से उन्होंने यह संदेश दिया कि कठिन प्रयासों और परिश्रम से ही जीवन में अमृत समान उपलब्धियां प्राप्त की जा सकती हैं। कथा के दौरान भक्ति गीतों और भजनों ने श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक आनंद से सराबोर कर दिया। भगवान शिव व माता पार्वती से अपने जीवन में सुख-शांति की कामना की। इस दौरान अरुण, अजय, रोहित, संदीप, विक्रांत, विनोद, अनुज, दुष्यंत समेत श्रद्धालु उपस्थित रहे।