मुजफ्फरनगर। नियोजित विकास में अवैध कालोनाजर्स का अड़ंगा लग रहा है। शहर से सटे इलाके में चारों और अवैध प्लाटिंग जोरों पर चल रही है। एक वर्ष के दौरान मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण 59 अवैध कालोनियों पर बुलडोजर चलाकर निर्माण ध्वस्त कर चुका है। इस दौरान 848 बीघा जमीन पर कार्रवाई की गई। बावजूद शहर में जगह-जगह अवैध प्लाटिंग जारी है।
शहर के नियोजित विकास के लिए 1996 में मुजफ्फरनगर विकास प्राधिकरण की स्थापना की गई थी। प्राधिकरण की ओर से कई सरकारी कालोनियों का खाका खींचा गया। जबकि बिल्डर ने भी बहुत सी कालोनियां विकसित की। इस बीच शहर के बाहरी और भीतरी इलाकों में अवैध प्लाटिंग जारी है। अवैध प्लाटिंग से खरीदारों को तो चूना लगता ही है, सुनियोजित विकास को भी झटका लगता है। प्राधिकरण क्षेत्र में हो रही अवैध प्लाटिंग पर अंकुश और अवैध कालोनियां काटने पर रोक लगाने के लिए कई बार कार्रवाई की गई। एक वर्ष के दौरान विकास प्राधिकरण की ओर से बुलडोजर चलाकर 59 कालोनियां ध्वस्त की गई। जिनमें नगर क्षेत्र में 32, खतौली और बुढ़ाना में 9-9 और शामली में भी नौ स्थानों पर अवैध प्लाटिंग ध्वस्त की गई।