दिल्ली हिंसा: ज्यादातर ने कहा कि असामाजिक तत्वों का हाथ
सरधना/बहसूमा/जानीखुर्द/मवाना। दिल्ली में गणतंत्र दिवस के मौके पर किसानों की ट्रैक्टर रैली के दौरान दिल्ली में हुई तोड़फोड़ के बाद किसानों और किसान नेताओं से बातचीत की गई। बातचीत के दौरान कुछ ने दिल्ली की घटना को शर्मसार करने वाली बताया तो कुछ ने इसमें असामाजिक तत्वों का हाथ बताया। वहीं, आंदोलन से लौटे कई किसान नेता कुछ भी बोलने से बचते रहे।
दिल्ली में ट्रैक्टर रैली के दौरान जो उपद्रव हुआ, यह भाजपा की शह पर किया गया। हम अभी गाजीपुर बॉर्डर पर डटे हैं। -मनोज त्यागी, जिलाध्यक्ष, भाकियू
उपद्रव के समय हमारा काफिला काफी पीछे था। लालकिले की प्राचीर पर झंडा फहराना बेहद शर्मनाक है। -रामबोस दबथुआ, मंडल उपाध्यक्ष, भाकियू
गाजीपुर बॉर्डर पर किसान आंदोलन कर रहे थे। लालकिले पर झंडा फहराने की घटना बेहद निंदनीय है। - विनेश प्रधान छुर, जिला महामंत्री, भाकियू
किसान परेड को बदनाम करने के लिए कुछ असामाजिक तत्वों ने पूरी व्यवस्था को भंग किया। -चौधरी सुधीर तालियान, अध्यक्ष, तालान खाप
लालकिले की घटना पूरे देश को शर्मसार करने वाली है। यह घटना भाजपा सरकार के इशारे पर हुई है। - उदयवीर सिंह, युवा जिलाध्यक्ष, भाकियू
लालकिले पर राष्ट्रीय ध्वज के अलावा अन्य झंडा फहराने का अधिकार नहीं है। यह आंदोलन को कमजोर करने की साजिश है। -विरेंद्र नागर, किसान
गाजीपुर बार्डर से तय रूट पर ट्रैक्टर परेड को पूरा करके लौटे हैं। यह सब असामाजिक तत्वों का किया धरा है। -प्रदीप देशवाल, किसान, मोड़ कला
किसान अपने हक की लड़ाई न्याय मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे। किसान अपनी मांगों से पीछे नहीं हटेंगे। -रणबीर सिंह राठी, बहसूमा
गणतंत्र दिवस पर लाल किले पर किसी को दूसरा झंडा फहराने का अधिकार नहीं है। यह हरकत निंदनीय है। -सतबीर भाटी, किसान, अकबरपुर सादात
किसान आंदोलन में गणतंत्र दिवस पर हुई हिंसा से देश बदनाम हुआ है। आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। -नरेंद्र, किसान, गांव बाफर
लाल किले पर हुई हिंसा से देश के सम्मान को चोट पहुंची। सरकार जांच कर कार्रवाई करे। -रवि भारत चिकारा, शिक्षक नेता, गांव खानपुर
किसान आंदोलन के नाम पर सरकार किसी को भी अराजकता फैलाने वालों पर कार्रवाई करे। - शफीक अहमद, सपा नेता एवं जिला पंचायत सदस्य
लाल किले पर हिंसा करने वाले किसान नहीं हो सकते। मांगों के लिए आंदोलन शांतिपूर्वक ही चलना चाहिए। -चौ. जबर सिंह, रालोद नेता
गाजीपुर बार्डर पर पुलिस द्वारा अश्रु गैस छोडे़ जाने से माहौल खराब हुआ। ध्वज फहराने वाले भाजपाई थे। -नरेश चौधरी, भाकियू नेता, गांव मुबारिकपुर
किसानों ने गलती की है। इस प्रकार उत्पात नहीं मचाना चाहिए था। कृषि कानून के बारे में अनभिज्ञता जताई। -धर्मवीर सिंह, किसान, गांव कौहला
किसानों के हिसाब से देखा जाए तो जो कुछ हुआ ठीक हुआ। सरकार किसानों को धोख दे रही है। - चंद्रकेश, किसान, गांव मुबारिकपुर
दिल्ली में लालकिले पर जो कुछ हुआ, गलत हुआ। असली किसान तो खेत में लगा हुआ है। -जयप्रकाश, किसान, गांव ऐदलपुर
दिल्ली में तोड़फोड़ उपद्रवियों ने की है, किसानों ने नहीं। लालकिले पर राष्ट्रीय ध्वज का अपमान नहीं करना चाहिए था। -ज्ञानेंद्र, किसान, बहसूमा
लोकतंत्र में हर आदमी को अपनी आवाज उठाने का अधिकार है। किसानों को भड़काया गया। -हरबीर सिंह, किसान, गांव अलीपुर मौरना