दौराला। परिवर्तन संस्था भारत के तत्वावधान में शनिवार को दौराला वाल्मीकि बस्ती में दीना-भाना जयंती पर विचार गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी में सभी ने अपने अपने विचार रखे।सं स्था के केंद्रीय अध्यक्ष वेदवीर सिंह आदिवासी, कपिल वाल्मीकि ने दीप जलाया। भारवीर ने कहा कि वाल्मीकि समाज का इतिहास गौरवशाली रहा है। रामायण के रचयिता भगवान राम के बच्चों के शिक्षक सीता माता के रक्षक महर्षि वाल्मीकि को कौन नहीं जानता। सभी को उनके मार्ग पर चलना होगा, शिक्षा के बिना समाज का उद्धार नहीं है। वेदवीर सिंह आदिवासी ने कहा कि प्रकृति ने स्वच्छकार समाज में एक से बढ़कर एक शख्सियत ने जन्म लिया। उन्होंने अपनी काबिलियत, अपने हुनर व अपने परिश्रम से पहचान बनाई। दीना भाना वाल्मीकि समाज की बड़ी पहचान है। सभी को उनके बताए मार्ग पर चलना चाहिए। संवाद